IPO: शैडोफैक्स के बहुप्रतीक्षित आईपीओ की लिस्टिंग ने निवेशकों को मायूस किया। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 28 जनवरी को ई-कॉमर्स और डिलीवरी सेक्टर की दिग्गज कंपनी शैडोफैक्स के शेयर डिस्काउंट पर सूचीबद्ध हुए, जिससे निवेशकों को लिस्टिंग गेन का लाभ नहीं मिल सका। कंपनी ने अपने शेयर 124 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे, जबकि इनकी लिस्टिंग बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 113 रुपये और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 112.60 रुपये पर हुई। यह सीधे तौर पर निवेशकों के लिए एक नुकसान था जिन्होंने बेहतर लिस्टिंग की उम्मीद की थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ शैडोफैक्स का IPO, निवेशकों को नहीं मिला कोई फायदा
शैडोफैक्स IPO: सब्सक्रिप्शन और शुरुआती प्रतिक्रिया
शैडोफैक्स का 1,907 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 20 से 22 जनवरी तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस इश्यू को निवेशकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, और कुल मिलाकर यह 2.86 गुना सब्सक्राइब हुआ। विभिन्न निवेशक श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन का विवरण इस प्रकार है:
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा: 4.00 गुना सब्सक्राइब हुआ।
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) की कैटेगरी: सिर्फ 0.88 गुना ही भर पाई।
- रिटेल निवेशकों का हिस्सा: 2.43 गुना सब्सक्राइब हुआ।
- कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा: 2.17 गुना सब्सक्राइब हुआ।
लिस्टिंग के बाद, बुधवार, 28 जनवरी को दोपहर करीब 1:10 बजे कंपनी के शेयरों में गिरावट जारी थी। शेयर 1.06 प्रतिशत या 1.20 रुपये की गिरावट के साथ 111.80 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। दिन की शुरुआत 113 रुपये पर हुई थी। दिन का इंट्राडे हाई 119.55 रुपये और दिन का लो लेवल 110.40 रुपये दर्ज किया गया। कंपनी का मार्केट कैप इस समय 6,498.22 करोड़ रुपये है। यह दिखाता है कि लिस्टिंग के बाद भी निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार में शैडोफैक्स को लेकर पूरी तरह से मजबूत नहीं दिख रहा है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/business/
जुटाए गए फंड का उपयोग
शैडोफैक्स ने अपने आईपीओ के तहत 1,000 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए थे। इसके अतिरिक्त, 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 7,31,66,854 शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचने का भी फैसला लिया गया था। आईपीओ से जुटाई गई रकम का उपयोग कंपनी अपनी विकास योजनाओं के लिए करेगी, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- 423.43 करोड़ रुपये नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के पूंजीगत व्यय पर खर्च किए जाएंगे।
- 138.64 करोड़ रुपये फर्स्ट माइल, लास्ट माइल और सॉर्ट सेंटर की लीज पेमेंट पर इस्तेमाल किए जाएंगे।
- 88.57 करोड़ रुपये ब्रांडिंग और मार्केटिंग गतिविधियों पर खर्च किए जाएंगे।
- बची हुई रकम अधिग्रहण और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में उपयोग की जाएगी।
निवेशकों को यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी भी आईपीओ में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है और आपको हमेशा विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







