Aaj Ka Panchang: आज 31 जनवरी 2026, शनिवार का पावन दिवस है। यह दिन पंचांग की गणनाओं के अनुसार अत्यंत महत्वपूर्ण संयोगों से युक्त है, जो आध्यात्मिक साधकों और ज्योतिष प्रेमियों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध हो सकता है।
आज का पंचांग: 31 जनवरी 2026, शनिवार को माघ चतुर्दशी का शिव-शनि योग
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और शनिवार का अद्भुत समन्वय एक दुर्लभ एवं शक्तिशाली योग का निर्माण कर रहा है। यह संयोग भगवान शिव की उपासना और शनिदेव की कृपा प्राप्ति के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस पावन अवसर पर, आइए जानते हैं आज के दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि की महिमा और ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आज का पंचांग: शनि चतुर्दशी का विशेष महत्व
माघ शुक्ल चतुर्दशी को मास शिवरात्रि के रूप में भी जाना जाता है, जब शिवभक्त भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, शनिवार का दिन कर्मफल दाता शनिदेव को समर्पित है। ऐसे में, जब चतुर्दशी तिथि शनिवार के दिन पड़ रही हो, तो यह शनि दोष से मुक्ति पाने और महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक अत्यंत प्रबल अवसर बन जाता है। इस दिन की गई पूजा, दान और तपस्या अक्षय फल प्रदान करती है। यह पवित्र दिन आपको नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति दिलाकर जीवन में सुख-समृद्धि और शांति स्थापित करने में सहायक होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
माघ चतुर्दशी पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव और शनिदेव का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत चढ़ाएं।
- शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
- गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें, विशेषकर काला तिल, उड़द दाल और सरसों का तेल।
- शनि चालीसा का पाठ करें और शिव मंत्रों का जाप करें।
- पूरे दिन सात्विक आहार लें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त
| विवरण | समय |
|---|---|
| माघ शुक्ल त्रयोदशी समाप्त | प्रातः 07:14 बजे |
| माघ शुक्ल चतुर्दशी प्रारंभ | प्रातः 07:14 बजे से |
| राहुकाल | प्रातः 09:00 बजे से 10:30 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:05 बजे से 12:50 बजे तक |
शिव और शनि मंत्र
ॐ नमः शिवाय।
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
निष्कर्ष और उपाय
शनिवार को पड़ने वाली चतुर्दशी का यह योग सभी प्रकार के दोषों को शांत करने में सक्षम है। इस दिन भगवान शिव और शनिदेव की संयुक्त कृपा प्राप्त करने के लिए सच्चे मन से की गई आराधना निश्चित रूप से फलदायी होती है। शनि से संबंधित कष्टों से मुक्ति पाने और शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस दिन व्रत रखना, रुद्राभिषेक करना और शनि मंदिरों में दर्शन करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए काले कुत्ते को रोटी खिलाना और कौवों को दाना डालना भी एक प्रभावी उपाय माना जाता है।
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