Sahil Chauhan: क्रिकेट के मैदान पर हर दिन नए रिकॉर्ड बनते और टूटते हैं, लेकिन कुछ कारनामे ऐसे होते हैं जो खेल के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाते हैं। भारतीय मूल के क्रिकेटर साहिल चौहान ने टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज़ शतक जड़कर ऐसा ही एक अविश्वसनीय वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यह सिर्फ उनके खेल का हुनर नहीं, बल्कि उनके लगन और शिक्षा के प्रति समर्पण की कहानी भी है।
Sahil Chauhan: 27 गेंदों में वर्ल्ड रिकॉर्ड शतक बनाने वाले इस क्रिकेटर की शिक्षा और प्रेरणादायक यात्रा
Sahil Chauhan: हरियाणा के पिंजौर से एस्टोनिया तक का सफर और क्रिकेट का जुनून
टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों का दबदबा जगजाहिर है, जहाँ अक्सर चौकों-छक्कों की बरसात देखने को मिलती है। लेकिन कभी-कभी ऐसे प्रदर्शन सामने आते हैं जो कल्पना से परे होते हैं, जैसे कि भारतीय मूल के साहिल चौहान का कारनामा। उन्होंने महज़ 27 गेंदों में शतक जड़कर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज़ शतक का नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक पारी ने न केवल रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया, बल्कि एस्टोनिया जैसे छोटे क्रिकेट देश को भी विश्व क्रिकेट के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। तो आइए जानते हैं कि 27 गेंदों में यह तूफानी शतक लगाने वाले साहिल चौहान का संबंध भारत में कहाँ से है और उनकी शैक्षिक यात्रा कैसी रही।
साहिल चौहान का जन्म 19 फरवरी 1992 को हरियाणा के पिंजौर इलाके के मानकपुर देवीलाल गाँव में हुआ था। उनका परिवार आज भी वहीं रहता है। बचपन से ही साहिल को क्रिकेट का जबरदस्त शौक था। वे अपने गाँव की गलियों में घंटों क्रिकेट खेला करते थे। साहिल खुद बताते हैं कि उन्होंने 6-7 साल की उम्र से ही गली क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक गहरा जुनून था जो उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया था।
रिकॉर्ड तोड़ने वाले साहिल चौहान की शैक्षिक पृष्ठभूमि
क्रिकेट के मैदान पर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाने वाले साहिल चौहान सिर्फ खेल में ही नहीं, बल्कि Education के क्षेत्र में भी अव्वल रहे हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी सीनियर पब्लिक स्कूल, सूरजपुर से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया और मोहाली स्थित एक निजी विश्वविद्यालय से पोस्ट-ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। इस तरह साहिल चौहान एक अच्छे पढ़े-लिखे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने अपनी पढ़ाई को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जितना अपने खेल को। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने अपने करियर को एक नई दिशा देने का फैसला किया, जिसमें क्रिकेट ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यूरोप में क्रिकेट के नए सपने की शुरुआत
साल 2017 में, साहिल अपने चाचा के पास एस्टोनिया गए, जहाँ उनके चाचा एक छोटा सा रेस्टोरेंट चलाते हैं। साहिल ने वहाँ काम करना शुरू किया और इस दौरान उन्हें काफी खाली समय मिलने लगा। इसी खाली समय में उन्होंने इंटरनेट पर “Estonia Cricket” सर्च किया। यह सर्च उनकी ज़िंदगी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्हें एक लोकल क्रिकेट टीम का नंबर मिला, उन्होंने फोन किया और पूछा, “क्या आप लोग क्रिकेट खेलते हैं?” जब उन्हें सकारात्मक जवाब मिला, तो साहिल ने एस्टोनिया में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया और यह उनके लिए एक नया अध्याय था। यह दिखाता है कि जुनून और दृढ़ संकल्प आपको कहीं भी सफलता दिला सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिना ज्यादा अनुभव के रच दिया इतिहास
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में साहिल चौहान को बहुत ज़्यादा अनुभव नहीं था। जिस मैच में उन्होंने यह रिकॉर्ड तोड़ा, उससे पहले वे केवल तीन टी20 इंटरनेशनल मैच ही खेले थे। एस्टोनिया बनाम साइप्रस टी20 इंटरनेशनल मैच में साहिल चौहान ने सिर्फ 27 गेंदों में शतक जड़ दिया। उन्होंने 41 गेंदों में नाबाद 144 रन बनाए, जिसमें 18 छक्के और 6 चौके शामिल थे, उनका स्ट्राइक रेट 351.21 का रहा। ये सभी आंकड़े विश्व रिकॉर्ड बन गए, और उन्होंने एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। साहिल की यह पारी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत और लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







