Bihar River Linking Project: बिहार के जल प्रबंधन और विकास के इतिहास में रविवार, 19 जुलाई 2026 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री बिहार सम्राट चौधरी ने शिवहर जिले में राज्य की पहली महत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना का उद्घाटन किया। बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल के शुभारंभ के साथ ही नदियों को जोड़ने की यह योजना अब धरातल पर उतर चुकी है, जिससे क्षेत्र में जल संकट से जूझ रहे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिवहर में रिमोट का बटन दबाकर इस ऐतिहासिक परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बेलवा डैम से बागमती नदी का पानी लिंक चैनल में बहता देख लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। सरकार की यह पहल बिहार के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है, जो राज्य के कृषि और जल संसाधनों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
बिहार के विकास में मील का पत्थर: बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल
बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल परियोजना बिहार की दशकों पुरानी नदियों को जोड़ने की अवधारणा को साकार करती है। यह सिर्फ एक नहर नहीं, बल्कि जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

शिवहर जिले को इस परियोजना से प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जहां जलस्तर में सुधार और कृषि उत्पादकता में वृद्धि की संभावना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस परियोजना को बिहार के समग्र विकास के लिए एक ‘मील का पत्थर’ बताया है।
सीएम सम्राट चौधरी ने जनता का किया अभिवादन, आगे की योजनाएं भी जल्द
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उपस्थित जनसमूह का अभिवादन किया और उन्हें इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि आने वाले समय में ऐसी और भी Bihar River Linking Project जैसी योजनाएं शुरू की जाएंगी, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में जल प्रबंधन को मजबूत करेंगी और कृषि क्षेत्र को नई गति प्रदान करेंगी।
जल संकट से मिलेगी मुक्ति, कृषि को मिलेगा बढ़ावा
नदी जोड़ो परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल संकट वाले क्षेत्रों में पानी उपलब्ध कराना और बाढ़ प्रभावित इलाकों से अतिरिक्त पानी को मोड़ना है। बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल के माध्यम से बागमती नदी के पानी का उपयोग उन क्षेत्रों में किया जा सकेगा, जहां सिंचाई के लिए पानी की कमी थी। इससे न केवल धान और अन्य फसलों की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि भूजल स्तर में भी सुधार होगा, जिससे शिवहर जैसे जिलों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सरकार का यह कदम दूरगामी परिणाम लेकर आएगा और पूरे क्षेत्र में खुशहाली का मार्ग प्रशस्त करेगा।


















