बिहार में अगले दो दिनों तक तेज बारिश का अलर्ट है। साथ ही, हिमालय के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जलस्तर लगातार बढ़ रहे हैं। गंगा के साथ बेगूसराय जिला के बीच से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। लेकिन अब तक जिला प्रशासन की ओर से खतरनाक घाटों पर लोगों के स्नान करने से रोकने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। यही वजह है कि, बेगूसराय में सबसे अधिक डूबने से मौत सिमरिया तथा मटिहानी प्रखंड के खोरमपुर में होती है।
हालांकि, सिमरिया में 12 गोताखोर लगातार तैनात हैं, रविवार को भी सिमरिया में प्रशासनिक लापरवाही से सात माह से मजदूरी नहीं मिलने के बाद भी गोताखोरों ने स्नान के दौरान गंगा में डूब रहे मधुबनी जिला के फुलपरास सरहज निवासी विनीत कुमार को किसी तरह से बचा लिया है।
दूसरे सबसे बड़े खतरनाक स्थल मटिहानी प्रखंड के खोरमपुर में खतरनाक घाट घोषित लगाए गए बोर्ड में टूट कर आत्महत्या कर लिया है। यहां बड़ी संख्या में लोग उफनती गंगा में स्नान कर रहे हैं, लेकिन यहां किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है।
स्नान के दौरान डूबने से जिस घाट पर लोगों की लगातार मौत हो रही थी, उसे खतरनाक घोषित कर प्रशासन ने बोर्ड लगाने की औपचारिकता पूरी कर ली, लेकिन स्नान करने से रोकने वाला कोई नहीं है। वहीं,गंगा नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से दियारावासी भी भयभीत हैं।

















