Bihar E-challan: अगर आपके वाहन पर कोई लंबित ई-चालान या यातायात जुर्माना बाकी है, तो अब Bihar में परिवहन विभाग सख्त कार्रवाई के लिए तैयार है। राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बकाया जुर्माना न भरने वाले वाहनों की ऑनलाइन परिवहन सेवाएं तत्काल प्रभाव से बाधित की जाएंगी, साथ ही उनके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) के नवीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण पर भी रोक लगा दी जाएगी।
ऑनलाइन सेवाओं पर लगेगा ब्रेक, ट्रांसफर भी रुकेगा
परिवहन विभाग की नई सख्ती के तहत, लंबित ई-चालान अथवा यातायात जुर्माने का भुगतान न करने वाले वाहनों को कई महत्वपूर्ण सेवाओं से वंचित कर दिया जाएगा। इन सेवाओं में निबंधन प्रमाण-पत्र (RC) का नवीकरण, उसकी द्वितीयक प्रति जारी करना, और वाहन मालिक के पते में बदलाव जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। इसके अलावा, जब तक पूरा जुर्माना नहीं भर दिया जाता, तब तक वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र भी जारी नहीं किया जाएगा।
लंबित जुर्माने वाले वाहनों को परिवहन विभाग के पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। इससे बिना बकाया चुकाए वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण पर भी रोक लग जाएगी। बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के नवीकरण पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा, और नियमानुसार उनके लाइसेंस को निलंबित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
- चालक अनुज्ञप्ति (ड्राइविंग लाइसेंस) का नवीकरण और निलंबन
- निबंधन प्रमाण-पत्र (RC) का नवीकरण
- निबंधन प्रमाण-पत्र की द्वितीयक प्रति जारी करना
- वाहन स्वामी के पत्राचार पते में बदलाव
- वाहन का स्वामित्व हस्तांतरण
- फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करना
- प्रदूषण प्रमाण-पत्र जारी करना
- वाहन को परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करना
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, सड़क सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने संयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार और सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को यह निर्देश माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा WO (Civil) NO 295/2012, SS Raja se ekadam Vs Union of India & Others मामले में पारित आदेश के आलोक में दिया है। यह कदम यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन, बकाया जुर्माने की वसूली सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
परिवहन सचिव राज कुमार ने इस संबंध में कहा, ‘सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमों का पालन और उनका प्रभावी प्रवर्तन अत्यंत आवश्यक है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लंबित ई-चालान वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल जुर्माने की वसूली करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है, ताकि नियमों का उल्लंघन कम हो, सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगे और बहुमूल्य जीवन की रक्षा की जा सके।’
चालकों में जिम्मेदारी विकसित करना मुख्य लक्ष्य
विभाग द्वारा वाहनों की रैंडम जांच करने का भी निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान यदि किसी वाहन पर जारी ई-चालान का भुगतान नहीं पाया जाता है, तो उस वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी संबंधित पदाधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करें।
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने जोर देकर कहा, ‘यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने तथा ई-चालान जारी होने के बावजूद जुर्माने का भुगतान नहीं करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना आवश्यक है। ऐसे वाहनों की नियमित एवं रैंडम जांच करने, लंबित ई-चालान वाले वाहनों की पहचान करने तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना विभाग की प्राथमिकता है।’
इन सख्त कदमों का लक्ष्य बिहार की सड़कों पर यातायात व्यवस्था को सुधारना और वाहन चालकों के बीच नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को बढ़ाना है। यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और आम लोगों के जीवन को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







