Jehanabad Corruption: बिहार के जहानाबाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना ने एक बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को मखदुमपुर अंचल कार्यालय में एक अमीन को 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद पूरे अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। गिरफ्तार अमीन की पहचान अनिल कुमार सिंह के रूप में हुई है, जिससे अब भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत पूछताछ और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जहानाबाद: जमीन नापी के लिए मांगे 5000, निगरानी ने अमीन को रंगे हाथ दबोचा!
Bihar Vigilance Raid: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में जहानाबाद जिले के मखदुमपुर अंचल कार्यालय में बुधवार को हड़कंप मच गया। निगरानी टीम ने जमीन नापी के बदले 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए अमीन अनिल कुमार सिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद अंचल कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।






पुलिस उपाधीक्षक श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में निगरानी टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने रिश्वत के तौर पर ली गई पूरी राशि भी मौके से बरामद कर ली है। गिरफ्तार अमीन अनिल कुमार सिंह को पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया, जहां भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
रिश्वतखोरी की शिकायत, ऐसे बुनी गई जाल
यह मामला गया जिले के बेलागंज निवासी विमलेश कुमार उर्फ राखी वर्मा से जुड़ा है। विमलेश ने अपनी 26 डिसमिल जमीन की नापी के लिए 5 फरवरी को ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन के बावजूद लंबे समय तक जमीन की नापी का काम नहीं किया गया। इसके बाद अमीन अनिल कुमार सिंह ने नापी के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत की मांग शुरू कर दी।
बार-बार पैसे मांगे जाने से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से संपर्क किया। ब्यूरो ने शिकायत की पुष्टि की और अमीन को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। बुधवार को मखदुमपुर अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में जैसे ही शिकायतकर्ता ने अमीन को तय राशि सौंपी, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी की अपील: शिकायत करें, कार्रवाई होगी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी भी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से करें। शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का संदेश दिया गया है। निगरानी विभाग लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रहा है और रिश्वतखोर अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है।
जमीन नापी के लिए मांगी थी रिश्वत
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की गई इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक श्रीराम चौधरी ने किया। जानकारी के अनुसार, गया जिले के बेलागंज निवासी विमलेश कुमार उर्फ राखी वर्मा ने अपनी 26 डिसमिल जमीन की नापी के लिए 5 फरवरी को ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन करने के बावजूद लंबे समय तक नापी का काम नहीं किया गया। बाद में, अमीन अनिल कुमार सिंह ने जमीन की नापी कराने के बदले 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। बार-बार पैसे की मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से संपर्क साधा।
निगरानी ने ऐसे बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर आरोपी अमीन को पकड़ने की योजना बनाई गई। बुधवार को मखदुमपुर अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय की गई राशि अमीन अनिल कुमार सिंह को सौंपी, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने रिश्वत की पूरी राशि भी मौके से बरामद कर ली।
निगरानी विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी भी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से करें। शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी के बाद, आरोपी अमीन को पटना ले जाया गया है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। इसके बाद, भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कार्रवाई बिहार में सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।








