Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में 29 जनवरी को एक बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। पिछले दो दिनों की तेजी के बाद, गुरुवार का दिन मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के दबाव में रहा, जिससे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट आई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की सुस्ती ने इस बिकवाली को और हवा दी। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन कारणों से शेयर बाजार में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
गिरावट का दौर: भारतीय Stock Market में क्यों आई बड़ी हलचल?
Stock Market में गिरावट के प्रमुख कारण
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों ने भारी मुनाफावसूली की, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 525 अंकों से अधिक टूट गया। वहीं, निफ्टी 50 भी लाल निशान पर ट्रेड करते हुए 25,200 के महत्वपूर्ण स्तर पर पहुंच गई थी। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व का हालिया फैसला है। फेड ने अपनी बैठक में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का ऐलान किया। लगातार तीन बार 0.25 फीसदी की कटौती के बाद, अब फेड ने ब्याज दरों को 3.50 से 3.75 फीसदी के दायरे में बनाए रखने का निर्णय लिया है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत है, लेकिन महंगाई पर पूरी तरह काबू पाने में अभी समय लगेगा, जिससे भविष्य में दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ गई हैं।
वैश्विक संकेत और निवेशकों की घबराहट
पिछले दो कारोबारी सत्रों से भारतीय शेयर बाजार में लगातार तेजी देखने को मिल रही थी। इस अवधि में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1 प्रतिशत तक चढ़ चुके थे। हालांकि, गुरुवार को निवेशकों ने इस तेजी का फायदा उठाते हुए मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। आईटी, ऑटो और एफएमसीजी जैसे प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखी गई। यह स्वाभाविक है कि बाजार में लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली का दौर आता है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
घरेलू शेयर बाजार पर वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का भी असर दिखा। जापान का निक्केई 225 और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार भी बीती रात फ्लैट बंद हुआ था, जिससे भारतीय स्टॉक मार्केट को कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिल सका। वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
गुरुवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर इंडिया VIX इंडेक्स पर साफ नजर आया। यह करीब 4 प्रतिशत की तेजी के साथ 14.03 अंक तक पहुंच गया। इंडिया VIX में उछाल आमतौर पर निवेशकों के बीच घबराहट और सतर्कता का संकेत माना जाता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मौजूदा हालात में ट्रेडिंग को लेकर बाजार में सावधानी बढ़ गई है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करें, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले कुछ सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जब तक कि वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों में कोई स्पष्ट दिशा न मिले।







