Bihar corruption: भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सह निदेशक (निरूपण इकाई) पवन कुमार के छह ठिकानों पर बुधवार को एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में आय से 103.94 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट हासिल करने के बाद EOU की टीमों ने यह अभियान चलाया। पवन कुमार के खिलाफ ईओयू थाना कांड संख्या-12/26 दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में उनकी ज्ञात आय से लगभग 3 करोड़ 89 लाख 79 हजार रुपये अधिक की संपत्ति सामने आई है, जो उनकी कुल आय का 103.94 प्रतिशत है।






बिहार में बड़ा एक्शन! इंजीनियर पवन कुमार के घर EOU का छापा, मिली 103% ज्यादा संपत्ति
Bihar EOU Raid: भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सह निदेशक (निरूपण इकाई) पवन कुमार के छह ठिकानों पर एक साथ छापामारी की गई। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में यह छापेमारी पटना, भागलपुर, नोएडा और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों में हुई है।
ईओयू ने पवन कुमार के खिलाफ ईओयू थाना कांड संख्या-12/26 दर्ज किया था। विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद यह अभियान चलाया गया। शुरुआती जांच में ही उनकी ज्ञात आय से 103.94 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के सबूत मिले हैं, जो चौंकाने वाले हैं।
करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, सत्यापन के दौरान अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के पास से प्रथम दृष्टया 3 करोड़ 89 लाख 79 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं। यह राशि उनकी वैध आय से काफी ज्यादा है, जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया है।
आर्थिक अपराध इकाई ने भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के खिलाफ आय से 103.94% अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में कार्रवाई की है।
पटना से दिल्ली तक 6 ठिकानों पर EOU का छापा
ईओयू की अलग-अलग टीमों ने पवन कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इन ठिकानों में पटना के उत्तरी श्रीकृष्णापुरी स्थित यमुना निवास अपार्टमेंट का फ्लैट संख्या बी-305 और उनका कार्यालय शामिल है। इसके अलावा, भागलपुर के आनंदगढ़ कॉलोनी तिलकामांझी स्थित मकान पर भी छापेमारी हुई।
राजधानी से बाहर, नोएडा सेक्टर-75 स्थित एक फ्लैट और नोएडा के ही एक अन्य आवासीय ठिकाने पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित फ्लैट भी ईओयू की टीम के निशाने पर था। इन छापों में महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत मिलने की उम्मीद है, जिनसे आगे की जांच में मदद मिलेगी।
इस कार्रवाई से सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को और मजबूती मिलेगी। ईओयू की यह कार्रवाई बताती है कि विभाग भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और पुख्ता सबूत मिलते ही सख्त एक्शन ले रहा है।
करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के पास आय से कहीं ज्यादा संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत उन पर केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का एक अहम हिस्सा मानी जा रही है।
पटना से दिल्ली तक फैले ठिकाने
EOU की कई टीमों ने पवन कुमार के विभिन्न आवासीय और कार्यालयी ठिकानों पर दबिश दी। इनमें पटना के उत्तरी श्रीकृष्णापुरी स्थित यमुना निवास अपार्टमेंट का फ्लैट संख्या बी-305 और उनका कार्यालय भी शामिल है। इसके अलावा, भागलपुर के आनंदगढ़ कॉलोनी तिलकामांझी स्थित उनके मकान पर भी रेड की गई।
राज्य से बाहर भी पवन कुमार की संपत्ति का पता चला है। नोएडा के सेक्टर-75 स्थित एक फ्लैट और नोएडा में ही एक अन्य आवासीय ठिकाने पर भी छापेमारी हुई। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित उनके फ्लैट पर भी EOU की टीम ने तलाशी अभियान चलाया। इन सभी जगहों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं।
भ्रष्टाचार पर EOU का कड़ा प्रहार
आर्थिक अपराध इकाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। पवन कुमार के खिलाफ मिली इस बड़ी सफलता से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।








