Bihar Prashant Kishor Case: बिहार की राजधानी पटना में जनसुराज पार्टी की रैली के दौरान पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। पटना की एक अदालत ने इस प्रकरण में प्रशांत किशोर समेत कुल आठ आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया है। एसीजेएम द्वितीय अफताब आलम की अदालत ने सोमवार को इस मामले पर संज्ञान लिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
यह मामला जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर और अन्य सात लोगों से जुड़ा है। इनमें मनीष कश्यप का नाम भी सामने आया है। इन सभी पर पुलिसकर्मियों के साथ झड़प करने और प्रशासन द्वारा लागू की गई निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप है।






प्रशांत किशोर सहित 8 पर कोर्ट ने लिया संज्ञान
जनसुराज पार्टी से जुड़े आठ लोगों के खिलाफ अदालत ने संज्ञान लिया है। इन सभी पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप है। एसीजेएम द्वितीय अफताब आलम की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को यह कार्यवाही की है। इस फैसले के बाद अब इन आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
जनसुराज पार्टी की रैली के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के मामले में एसीजेएम द्वितीय अफताब आलम की अदालत ने सोमवार को जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर सहित आठ आरोपितों के खिलाफ संज्ञान लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 23 जुलाई 2025 को विधानसभा घेराव के प्रयास से जुड़ा है। जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उस दिन विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की थी, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। प्रशासन ने इस दौरान निषेधाज्ञा लागू की थी, जिसका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उल्लंघन किया। अब अदालत के संज्ञान लेने के बाद इस पटना कोर्ट न्यूज मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू होगी, जिससे जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।








