spot_img

बिहार में मकान बनाना होगा आसान! 30 दिन में नहीं मिली मंजूरी, तो खुद हो जाएगी पास!

Bihar Building Bye-laws: बिहार सरकार ने 'बिहार बिल्डिंग बायलॉज 2026' का मसौदा तैयार किया है। नए नियमों से शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया तेज, सरल और पारदर्शी होगी, जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

spot_img
- Advertisement -

Bihar Building Bye-laws: भवन निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए बिहार सरकार ने ‘बिहार बिल्डिंग बायलॉज 2026’ का मसौदा तैयार कर लिया है। इस प्रस्ताव को अगले महीने कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद अगस्त से इसे पूरे राज्य में लागू किया जा सकता है। नए नियमों का उद्देश्य नौकरशाही की बाधाओं को कम करना है। इसके लिए स्वयं-प्रमाणीकरण (सेल्फ-सर्टिफिकेशन), डीम्ड अप्रूवल और भवन योजनाओं, अनापत्ति प्रमाण पत्रों (एनओसी) तथा अन्य स्वीकृतियों के लिए डिजिटल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली शुरू की जाएगी।

- Advertisement -

क्या हैं नए ‘बिहार बिल्डिंग बायलॉज 2026’ के मुख्य प्रावधान?

प्रस्तावित नियमों के तहत, 24 मीटर (लगभग आठ मंजिल) तक के आवासीय भवनों और 15 मीटर तक के व्यावसायिक भवनों को स्वयं-प्रमाणीकरण के माध्यम से मंजूरी मिल जाएगी। इसके लिए कई विभागों की जांच की आवश्यकता नहीं होगी। 16 मंजिल तक के आवासीय भवनों के लिए, पैनल में शामिल तीसरे पक्ष के आर्किटेक्ट से प्रमाणन प्राप्त किया जा सकता है। 50 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों की जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी रहेगी।

शहरी विकास और आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के अनुसार, नए बायलॉज का उद्देश्य व्यापार को सुगम बनाना, बिहार के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाए बिना निर्माण स्वीकृति प्राप्त कर सकें।

- Advertisement -

नए मसौदे में अवैध पार्किंग के लिए कड़े प्रवर्तन उपाय भी शामिल किए गए हैं। यदि किसी भवन के निवासी या कब्जाधारी परिसर के भीतर निर्धारित पार्किंग स्थलों के बजाय सार्वजनिक सड़कों पर वाहन पार्क करते पाए जाते हैं, तो विकास प्राधिकरण के पास पूरे भवन को सील करने का अधिकार होगा।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  पटना हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अब अफसरों की मनमानी से नहीं रद्द होगी आपकी जमाबंदी! बिहार के लाखों लोगों को मिली बड़ी राहत

30 दिन में मंजूरी नहीं मिली तो स्वतः पास

एक प्रमुख सुधार डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान है। यदि अधिकारी 30 दिनों के भीतर किसी भवन योजना आवेदन पर निर्णय लेने में विफल रहते हैं, तो प्रस्ताव को स्वतः ही स्वीकृत मान लिया जाएगा। मसौदे में यह भी प्रस्तावित है कि भवन योजना को मंजूरी मिलने के तुरंत बाद भूमि-उपयोग रूपांतरण को भी स्वीकृत माना जाएगा।

यह भी पढ़ें:  भागलपुर में मां के सामने नदी में समा गईं दो बेटियां, चीखती रह गई मां, मशक्कत के बाद मिले शव

सरकार ने भवन की ऊंचाई पर ऊपरी सीमा हटाने का प्रस्ताव दिया है, हालांकि हवाई अड्डों और विरासत क्षेत्रों के पास लागू प्रतिबंध जारी रहेंगे। बेस फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) 3.5 बना रहेगा, जबकि डेवलपर्स को निर्धारित शुल्क का भुगतान करके अतिरिक्त एफएआर खरीदने की अनुमति होगी। प्रस्ताव में अतिरिक्त एफएआर के लिए कोई अधिकतम सीमा निर्दिष्ट नहीं की गई है।

झूठी जानकारी देने पर होगी सख्त कार्रवाई

झूठी जानकारी प्रस्तुत करने या नियमों का उल्लंघन कर भवन योजनाओं को मंजूरी देने वाले आर्किटेक्ट या इंजीनियरों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मसौदे में ऐसे पेशेवरों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ आपराधिक कार्यवाही की संभावना का भी प्रावधान है।

यह भी पढ़ें:  BPSC में 43वीं रैंक! Darbhanga रसियारी की बेटी रितिका झा बनी SDM, मिथिलांचल ने किया सलाम | पढ़िए - ग्रामीण परिवेश से निकली प्रेरणा

प्रस्तावित बायलॉज में 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक के सभी भूखंडों के लिए वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) अनिवार्य किया गया है। इसके अतिरिक्त, 2,000 वर्ग मीटर या उससे बड़े सार्वजनिक भवनों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए पहुंच में सुधार हेतु रैंप, सुलभ शौचालय और ब्रेल साइनेज प्रदान करना अनिवार्य होगा।

जोखिम-आधारित भवन स्वीकृति प्रणाली

मसौदे में भवनों को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:

  • कम जोखिम वाले भवन: स्वयं-प्रमाणीकरण के लिए पात्र।
  • मध्यम जोखिम वाले भवन: पैनल में शामिल तीसरे पक्ष के आर्किटेक्ट के माध्यम से प्रमाणन।
  • उच्च जोखिम वाले भवन: 50 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों की सीधे सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच की जाएगी।

स्वयं-प्रमाणीकरण श्रेणी के तहत स्वीकृत भवनों को अलग से फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि इसे भवन योजना के साथ ही स्वीकृत माना जाएगा।

मसौदे को सार्वजनिक डोमेन में रखा गया है और परामर्श प्रक्रिया के बाद इसे कैबिनेट को भेजा जाएगा। एक बार स्वीकृत होने के बाद, नए भवन नियम अगस्त 2026 से पूरे बिहार में लागू होने की उम्मीद है, जिससे बिहार के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

केजरीवाल का मिथिला प्रेम: पंजाब में बनेगा माता जानकी और लव – कुश का भव्य मंदिर, लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगी तीर्थ यात्रा की...

Arvind Kejriwal: पंजाब में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़े धार्मिक ऐलान किए हैं। उन्होंने अमृतसर में मां सीता और लव-कुश का भव्य मंदिर बनाने की घोषणा क#ArvindKejriwal,#PunjabNews,#TeerthYatra

राबड़ी देवी का नया ठिकाना, सामान शिफ्टिंग तेज: लालू परिवार कुछ दिनों के लिए जाएगा यहां!

Bihar Rabri Devi: राबड़ी देवी को 29 जून तक 10 सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला खाली करना है। नया आवास अधूरा होने के कारण लालू परिवार का सामान कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास ले जाया जा रह#RabriDevi,#BiharPolitics,#LaluFamily

मुंगेर की धरती से बिहार के गांवों को मिली बड़ी शक्ति! CM Samrat ने लॉन्च की वो योजना, जिससे बदल जाएगी तकदीर

Bihar Panchayat Scheme: बिहार में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'पंचायत विकास योजना' लॉन्च की, जिससे अब गांव अपनी जरूरतों के हिसाब से विकास कार्य तय करे#BiharPanchayatScheme,#SamratChaudhary,#MungerNews

Patna High Court में सरकारी वकीलों की भर्ती: महिलाओं के लिए 33% आरक्षण, जानें कब से आवेदन?

Bihar High Court: पटना हाई कोर्ट में सरकारी वकीलों की नई नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। सभी मौजूदा वकीलों ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे 33% महिला आरक्षण के साथ पारदर्शी भर्त#BiharHighCourt,#WomenReservation,#BiharNews