Bihar Administrative Service: बिहार सरकार ने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक और कदम उठाया है। हाल ही में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद, अब बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के सात अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह फैसला पूर्व में जारी 45 अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश के बाद प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए लिया गया है, जिससे कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिली हैं।
किन अधिकारियों के तबादले में हुआ अहम संशोधन?
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, पंचायती राज विभाग में विशेष कार्य पदाधिकारी ललित राही का पूर्व स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है। अब उन्हें कैमूर का जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) बनाया गया है। यह बदलाव उनके लिए नई चुनौती लेकर आया है।






औरंगाबाद की जिला परिवहन पदाधिकारी सुनन्दा कुमारी को इस संशोधन से राहत मिली है। उन्हें अपने वर्तमान पद से नहीं हटाया जाएगा और वे अपनी सेवाएं जारी रखेंगी। लंबे समय से पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे दीक्षित स्वेतम को भी नई जिम्मेदारी मिल गई है। उन्हें अररिया का अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) नियुक्त किया गया है, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व है।
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में उप सचिव मुकेश कुमार मुकुल को पूर्णिया का अपर समाहर्ता (ADM) और अपर जिला दंडाधिकारी बनाया गया है। यह पदोन्नति उनके लिए एक अहम पड़ाव है। कैमूर के जिला परिवहन पदाधिकारी रवि रंजन का भी स्थानांतरण हुआ है। वे अब नालंदा के जिला परिवहन पदाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
पटना के उप विकास आयुक्त (DDC) शैलेश कुमार को अतिरिक्त प्रभार मिला है। उन्हें अरवल जिला परिषद के बंदोबस्त पदाधिकारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है, जो अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। मो. मुस्तकीम को बिहार राज्य सारा एवं असैनिक आपूर्ति निगम, पटना में महाप्रबंधक (प्रशासन) मुख्यालय के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति 15 अगस्त के बाद से प्रभावी होगी।
प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने की कवायद
बिहार सरकार लगातार राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है। हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के भी तबादले किए गए थे। इन संशोधनों के पीछे का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न जिलों में बेहतर संचालन सुनिश्चित करना है।
राज्य सरकार का मानना है कि इन बदलावों से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और विभिन्न जिलों में कार्यों का बेहतर संचालन सुनिश्चित होगा।
नई अधिसूचना के बाद, संबंधित अधिकारियों को जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए जाएंगे। यह कदम सुशासन की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।








