Madhubani Drug Seizure: नशीली दवाओं के खिलाफ बिहार में बड़ी कार्रवाई हुई है। मधुबनी जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नशीली दवाएं बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई जयनगर शहर के एक ट्रांसपोर्ट गोदाम में की गई, जहां से दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
एसएसबी सूत्रों ने 17 जुलाई, 2026 को रात 8:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि 18वीं बटालियन राजनगर और 48वीं बटालियन जयनगर की टीमों ने मधुबनी पुलिस के सहयोग से इस अभियान को अंजाम दिया। जयनगर के पटना गद्दी रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट गोदाम को निशाना बनाकर यह छापेमारी की गई। इस दौरान भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप और टैबलेट जब्त किए गए।






कैसे पकड़े गए नशा तस्कर?
डिप्टी कमांडेंट हरी नारायण जाट ने बताया कि सूचना मिली थी कि नशीली दवाओं की बड़ी खेप लाई जा रही है। इसी जानकारी के आधार पर जयनगर के बेला बांध चौक पर श्याम मुखिया नाम के एक बाइक सवार को रोका गया। देवधा थाना क्षेत्र के पीठवा टोला उसराही गांव निवासी श्याम मुखिया के पास से तलाशी के दौरान 220 बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद हुआ।
ट्रांसपोर्ट गोदाम से मिली भारी खेप
श्याम मुखिया से पूछताछ के बाद मिली अहम जानकारियों के आधार पर एसएसबी ने जयनगर स्थित ट्रांसपोर्ट गोदाम में छापेमारी का फैसला किया। दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी अखिलेश चौधरी और सीआई दीपक कुमार की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया। गोदाम के अंदर तलाशी लेने पर वहां से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप और टैबलेट बरामद हुए। इस कार्रवाई के दौरान ट्रांसपोर्ट कर्मी मुन्ना कामत को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
डिप्टी कमांडेंट हरी नारायण जाट ने बताया, ‘सूचना के आधार पर जयनगर के बेला बांध चौक पर एक बाइक सवार श्याम मुखिया को रोककर तलाशी ली गई। उनके पास से 220 बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया गया। पूछताछ के आधार पर ट्रांसपोर्ट गोदाम में छापेमारी हुई, जहां से भारी मात्रा में नशीली दवाएं मिलीं और मुन्ना कामत को भी गिरफ्तार किया गया।’
इस संयुक्त कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि बिहार में नशीली दवाओं के नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके। इलाके में नशीले पदार्थों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, जिससे युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके।








