Jale News: बिहार के जाले नगर परिषद के वार्ड 12 में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। थाना के ठीक पीछे स्थित बगीचा परिसर में जलावन से भरा एक फूस का घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। इस घटना से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों ने आग लगने के पीछे नशेड़ियों का हाथ होने की आशंका जताई है। यह घटना पुलिस की कार्यशैली और क्षेत्र में असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
आग से भारी नुकसान और पीड़ित का आरोप
आग लगने से मुनेश्वर राउत का फूस का घर पूरी तरह जल गया। इस हादसे में गोबर के गोरहे (चिपड़ी) और बड़ी मात्रा में रखी लकड़ियां भी नष्ट हो गईं। मुनेश्वर राउत ने बताया कि वह गोबर का गोरहा बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आग में उनका पूरा जलावन और बेचने के लिए रखा सूखा गोरहा जल गया, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट आ खड़ा हुआ है। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि यह आग नशेड़ियों की करतूत हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।






पुलिस थाने के करीब जुआ और नशाखोरी पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना के पीछे स्थित बगीचा परिसर में देर रात तक कुछ लोग जुआ खेलने और नशा करने के लिए इकट्ठा होते हैं। उनका कहना है कि पुलिस थाना नजदीक होने के बावजूद ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है, जिससे क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का बोलबाला बढ़ रहा है। लोगों ने इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय लोगों का आरोप है, ‘थाना समीप होने के बावजूद ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।’
इस घटना से जाले में सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। पुलिस को इस मामले की गहन जांच करनी चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके।









