Bihar Student Protest: बिहार में छात्र प्रदर्शनों के बीच जेजेडी सुप्रीमो Bihar के तेज प्रताप यादव की रिहाई ने ‘वीआईपी कल्चर’ को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। बेऊर जेल के बाहर खड़े छात्रों ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद के बेटे होने के कारण तेज प्रताप को विशेष तरजीह दी गई, जबकि उनके कई साथियों को अभी भी जेल में रखा गया है। छात्रों का गुस्सा इस बात पर है कि पहले 13 छात्रों की रिहाई की बात कही गई थी, लेकिन सिर्फ पांच को ही छोड़ा गया है।
‘ये क्या बात हुई कि तेज प्रताप यादव को जेल से छोड़ दिया गया और बाकी सब को नहीं छोड़ा जाएगा। यहां वीआईपी कल्चर चल रहा है। अगर तेज प्रताप को छोड़ा गया तो सभी छात्रों को रिहा करना चाहिए।’
🔥 आज की सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें1Jharkhand Naxalite Arrest बिहार -झारखंड -कई राज्यों का एक्टिव दुर्दांत…सुरक्षाबलों की ऐतिहासिक जीत! 1 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा दबोचा गया2समस्तीपुर में हैवानियत की हदें पार! नाबालिग से गैंगरेप के बाद दरिंदों ने पीठ पर चिपकाई ‘खौफनाक आपत्तिजनक चिट्ठी’3बिहार के लाखों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! अब हर कंपनी में बनेगी शिकायत निवारण समिति, मिलेगा तुरंत न्याय- समान प्रतिनिधित्व!4Munger Visit सीएम सम्राट चौधरी के काफिले की गाड़ी रास्ते में हुई खराब! पुलिस ने लगाया धक्का!5Bihar Rain Alert फिर करवट लेने वाला है मौसम! 40 KM/ रफ़्तार वाली हवा, 13 जिलों में येलो अलर्ट | पढ़िए – बादलों की आवाजाही6Bihar Politics लालू परिवार की सालों पुरानी कलह खत्म? तेजप्रताप की रिहाई से बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़!| पढ़िए ताजा रिपोर्ट… तेज़ के तेजस्वी
यह नाराजगी बेऊर जेल के बाहर अपने दोस्त के बाहर आने का इंतजार कर रहे एक छात्र ने व्यक्त की। उसका कहना था कि ‘तेज प्रताप, लालू प्रसाद के बेटे हैं, इसलिए उन्हें पहले छोड़ दिया गया। बाकी छात्रों को नहीं छोड़ा गया।’ छात्र ने यह भी बताया कि किसे छोड़ा जाएगा और किसे नहीं, यह अब तक स्पष्ट नहीं है, जबकि उसके दोस्त को परीक्षा देने जाना है और कोई पुलिसकर्मी बात सुनने को भी तैयार नहीं है।
तेज प्रताप यादव समेत पांच की हुई रिहाई
बिहार सरकार की ओर से जारी नोटिस के बाद जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव को जेल से रिहा कर दिया गया। उनके साथ चार अन्य छात्रों को भी छोड़ा गया। मंगलवार की देर शाम इन सभी के जमानत के कागजात बेऊर जेल प्रशासन के पास पहुंचे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बेऊर जेल अधीक्षक ने स्वयं तेज प्रताप यादव सहित कुल पांच लोगों की रिहाई की पुष्टि की है।
कैसे हुई तेज प्रताप की गिरफ्तारी और फिर रिहाई?
तेज प्रताप यादव के खिलाफ गांधी मैदान थाने में दंगा कराने और अन्य गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया था। इसी सिलसिले में उन्हें बीते शनिवार को फ्रेजर रोड स्थित सेंट्रल मॉल से हिरासत में लिया गया था और देर रात बेऊर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद सरकार ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज तमाम प्राथमिकी को रद्द करने का फैसला लिया। तेज प्रताप यादव की ओर से भी जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद संबंधित कागजात बेऊर जेल पहुंचे और जेल प्रशासन ने तेज प्रताप को रिहा कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि सरकार ने एक तरफ सभी प्राथमिकी रद्द करने की बात कही, लेकिन जब रिहाई की बारी आई तो केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही छोड़ा गया, जिससे आम छात्रों में असमान व्यवहार की भावना बढ़ रही है।
बेउर जेल से बाहर आते ही छात्र ने सुनाई खौफनाक दास्तान: ‘पुलिस ने मुझे डेढ़ सौ लाठियां मारीं, गाली-गलौज भी की’
Bihar Student Protest: पटना की बेउर जेल के बाहर मंगलवार सुबह से ही एक अलग तनाव का माहौल था। बिहार छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों के परिजन अपने बच्चों की रिहाई का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच, बेल पर बाहर आए एक छात्र ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसे लाइब्रेरी से पकड़कर बेरहमी से पीटा गया।
बेल पर रिहा हुए छात्र, सरकारी आदेश का इंतजार
मंगलवार को बेउर जेल से जिन छात्रों को बाहर छोड़ा गया, उनकी रिहाई सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, इन छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत बेल पर रिहा किया गया है। परिजनों ने अपनी परीक्षा को देखते हुए कोर्ट में बेल के लिए अर्जी दी थी, जिसके बाद उन्हें परीक्षा देने के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति मिली।
वहीं, सरकार की ओर से छात्रों की रिहाई को लेकर जारी चिट्ठी के तहत अभी तक एक भी छात्र को छोड़ा नहीं गया है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में कागजी प्रक्रिया चल रही है, जिसके पूरी होने के बाद ही सरकार के आदेश पर छात्रों को जेल से रिहा किया जाएगा। परिजनों को उम्मीद है कि संभवतः बुधवार सुबह तक बाकी छात्रों की रिहाई हो सकती है।
परिजनों के मुताबिक, उन्हें पहले जानकारी मिली थी कि 13 छात्रों को जेल से रिहा किया जाएगा। हालांकि, मंगलवार को बेल पर कुछ छात्र और एक फूड ब्लॉगर ही बाहर आ पाए। बाकी छात्रों की रिहाई को लेकर परिजनों में चिंता बनी हुई है।
‘डेढ़ सौ लाठियां मारीं, आतंकवादी जैसा व्यवहार’: छात्र की आपबीती
जेल से बाहर आए एक छात्र ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी आपबीती सुनाई। छात्र ने दावा किया कि उसे लाइब्रेरी से बाहर निकलते समय पकड़ा गया था। पूछताछ के बाद 10 से 15 पुलिसकर्मियों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की।
छात्र ने बताया, “मुझे करीब डेढ़ सौ लाठियां मारी गईं, जिससे मेरे पैर में गंभीर चोट आई है। पुलिसकर्मियों ने मेरे साथ गाली-गलौज भी की। अंदर छात्र हैं या आतंकवादी, जिस तरह की कार्रवाई की गई है, वह काफी परेशान करने वाली है।”
पीड़ित छात्र ने यह भी दावा किया कि जिस समय उसे लाइब्रेरी से पकड़ा गया था, वह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है। छात्र ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज से घटना की सच्चाई सामने आ सकती है।
पुलिस पर सवाल, परिजनों को बुधवार सुबह की उम्मीद
छात्रों के परिजन मंगलवार सुबह से ही बेउर जेल के बाहर अपने बच्चों की रिहाई का इंतजार कर रहे थे। उनका आरोप है कि जेल गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया कि बाकी छात्रों को अगले दिन यानी बुधवार को छोड़ा जाएगा। परिजनों का कहना है कि सरकार की ओर से जारी चिट्ठी के तहत रिहाई की कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छात्रों को बाहर निकाला जाएगा।
छात्रों और उनके परिजनों की ओर से पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। बिहार स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़े इस मामले में बेल और सरकारी आदेश के तहत रिहाई की प्रक्रिया अलग-अलग चल रही है, और प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई जारी है।













