Bihar Kinnar Samaj: बिहार में किन्नर समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक अनूठी मांग रखी है। समुदाय ने बिहार की राजधानी पटना में प्रधानमंत्री का भव्य मंदिर और आश्रम बनाने की बात कही है। किन्नर समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे इस मंदिर के पुजारी भी खुद ही बनेंगे। इस घोषणा के पीछे केंद्र सरकार द्वारा पारित ‘ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट’ और बिहार में मिले सम्मान के प्रति उनका गहरा आभार है।
पटना में PM मोदी का मंदिर बनाएंगे किन्नर! ट्रांसजेंडर समाज ने क्यों किया यह ऐलान?
PM Modi Temple Bihar: बिहार के पटना में किन्नर समाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक भव्य मंदिर और आश्रम बनाने की मांग की है। किन्नर कल्याण बोर्ड की ऐतिहासिक बैठक के बाद ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के ‘ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट’ और सचिवालय में मिले सम्मान को लेकर अपनी खुशी जाहिर की है। यह मांग एक वीडियो के माध्यम से सामने आई है, जिसमें समुदाय के सदस्य अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहे हैं।






पीएम मोदी और सम्राट चौधरी सरकार का जताया आभार
आजादी के बाद पहली बार, बीते 29 जुलाई को बिहार के सचिवालय में किन्नर कल्याण बोर्ड की एक औपचारिक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में शामिल होने के बाद किन्नर समाज के प्रतिनिधि रंजन कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पारित ‘ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट’ के बाद ही किन्नरों को यह सम्मान और अधिकार मिल सका है। उन्होंने इस ऐतिहासिक कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
पटना में बनेगा PM मोदी का भव्य मंदिर, किन्नर ही होंगे पुजारी
रंजन कुमार ने अपने बयान में एक अनोखी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि पटना में ‘भगवान नरेंद्र मोदी’ का एक बड़ा आश्रम और भव्य मंदिर बनाया जाए, जिसके पुजारी किन्नर समाज के लोग ही होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार इस मंदिर का निर्माण नहीं भी करती है, तो किन्नर समाज खुद धन जुटाकर पटना में इस मंदिर का निर्माण कराएगा। यह कदम उनके सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है।
बीपीएससी से बनेंगे एसडीएम और डीएसपी
किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में मंत्री डॉ. साधना गुप्ता और अपर मुख्य सचिव श्रीनिवासन मौजूद थे। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान किन्नर समाज के कल्याण, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने समुदाय को भरोसा दिलाया कि जल्द ही बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग एसडीएम और डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं देते हुए दिखेंगे। यह घोषणा किन्नर समाज के लिए एक बड़े सामाजिक और आर्थिक उत्थान का संकेत है, जो उन्हें मुख्यधारा में लाने में सहायक होगी।
पीएम मोदी के प्रति जताया आभार, मंदिर बनाने का ऐलान
किन्नर कल्याण बोर्ड की बैठक में शामिल होने के बाद ट्रांसजेंडर समाज के प्रतिनिधि रंजन कुमार ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि ‘ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट’ के पारित होने के बाद ही किन्नरों को समाज में सम्मान और अधिकार मिल सके हैं। इसी कारण रंजन कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार की सम्राट चौधरी सरकार का आभार व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने पटना में ‘भगवान नरेंद्र मोदी’ का एक बड़ा आश्रम और भव्य मंदिर बनाने की मांग की, जहाँ किन्नर समाज के लोग ही पुजारी की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार मंदिर निर्माण में सहयोग नहीं करती है, तो किन्नर समाज स्वयं पैसे जुटाकर पटना में मंदिर का निर्माण कराएगा।
“केंद्र सरकार द्वारा ट्रांसजेंडर प्रोटेक्शन एक्ट पारित होने के बाद ही किन्नरों को यह सम्मान और अधिकार मिल सका है। हम इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी और सम्राट चौधरी की सरकार का आभार जताते हैं। पटना में भगवान नरेंद्र मोदी का बड़ा आश्रम और भव्य मंदिर बनाया जाए, जिसमें किन्नर समाज के लोग ही पुजारी होंगे। यदि सरकार मंदिर नहीं भी बनाएगी, तो किन्नर समाज खुद पैसे जुटाकर पटना में मंदिर का निर्माण कराएगा।”— रंजन कुमार, किन्नर समाज प्रतिनिधि
ऐतिहासिक बैठक और भविष्य की योजनाएं
जानकारी के अनुसार, आजादी के बाद पहली बार 29 जुलाई को बिहार के सचिवालय में किन्नर कल्याण बोर्ड की औपचारिक बैठक आयोजित की गई थी। इस ऐतिहासिक बैठक में मंत्री डॉ. साधना गुप्ता और अपर मुख्य सचिव श्रीनिवासन उपस्थित रहे। बैठक के दौरान किन्नर समाज के कल्याण, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने ट्रांसजेंडर समुदाय को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही बीपीएससी (BPSC) के माध्यम से वे एसडीएम और डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर भी अपनी सेवाएँ देते हुए दिखाई देंगे। यह कदम किन्नर समाज को मुख्यधारा में लाने और उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।किन्नर समाज की यह मांग उनके अधिकारों की लड़ाई में मिली जीत और प्रधानमंत्री के प्रति उनके अटूट विश्वास का प्रतीक है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस अनूठी मांग पर क्या प्रतिक्रिया देती है और किन्नर समाज अपने संकल्प को कैसे पूरा करता है।








