Bihar Lohiya Swachh Abhiyan: बिहार के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान पूरी तरह ठप पड़ा है। पिछले एक महीने से कार्यपालक के अभाव में इस महत्वपूर्ण योजना से जुड़े सभी काम रुके हुए हैं, जिसका सीधा असर सैकड़ों लाभार्थियों पर पड़ रहा है। सरकारी आदेश के बावजूद जिस कार्यपालक को यहां पदभार ग्रहण करना था, उन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया है।
लाभार्थी रोजाना प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। शौचालय निर्माण और स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित अन्य कार्यों के लिए आवेदन जमा तो हो रहे हैं, पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हो रही। कई बार तो कार्यालय बंद ही मिलता है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।






एक महीने से पद खाली, फाइलें अटकीं
जिला पदाधिकारी के पत्रांक 231 एसबीएमजी, दिनांक 27.06.2026 के माध्यम से लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत कुशेश्वरस्थान पूर्वी के लिए ऋषभ कुमार का तबादला किया गया था। उन्हें तत्काल प्रभाव से यहां कार्यभार संभालने का निर्देश मिला था। हालांकि, एक महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी ऋषभ कुमार ने अब तक प्रखंड में अपना योगदान नहीं दिया है।
इससे पहले इस पद पर नितेश कुमार कार्यरत थे, जिनके स्थानांतरण के बाद से ही स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े सभी कार्य अधर में लटक गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ आवेदन जमा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक स्थायी कार्यपालक अपना पदभार नहीं संभालते, तब तक भुगतान और योजना की गति धीमी ही रहेगी।
बीडीओ ने की अस्थायी व्यवस्था
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रभा शंकर मिश्रा ने अस्थायी व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि ऋषभ कुमार को यहां योगदान देने के लिए भेजा गया था, लेकिन उन्होंने पूर्वी प्रखंड में योगदान नहीं दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल स्वच्छता पर्यवेक्षक पंकज कुमार मिश्रा को प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि आने वाले आवेदनों को जमा किया जा सके।
लेकिन जानकारों का मानना है कि केवल आवेदन जमा करने से जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं होगा। योजनाओं के तहत होने वाले भुगतान और कार्य प्रगति के लिए स्थायी कार्यपालक का होना अनिवार्य है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और कार्यपालक को जल्द से जल्द पदभार ग्रहण करवाने की मांग की है, ताकि आम लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें और विकास कार्य सुचारु रूप से चल सकें।








