Supreme Court Polygamy: देश की सर्वोच्च अदालत ने मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है, जिसमें मुस्लिमों के बीच बहुविवाह को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। यह याचिका संविधान के प्रावधानों के उल्लंघन का मुद्दा उठाती है, जिससे देश में एक नई बहस छिड़ सकती है।
यह पूरा मामला मुस्लिमों में एक से ज्यादा शादी की प्रथा से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि यह परंपरा भारतीय संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का हनन करती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर विषय पर केंद्र सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।
क्या है याचिका में मुख्य मांग?
याचिका में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मुस्लिमों में बहुविवाह की प्रथा संविधान के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। इसे लैंगिक समानता और न्याय के विरुद्ध बताया गया है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि इस प्रथा को असंवैधानिक घोषित किया जाए, ताकि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित किए जा सकें।






केंद्र सरकार के जवाब का इंतजार
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद, अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं। सरकार को इस संवेदनशील और जटिल मुद्दे पर अपना पक्ष अदालत के सामने रखना होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार बहुविवाह की प्रथा को संवैधानिक वैधता के दायरे में कैसे देखती है और इस पर क्या जवाब देती है। इस मामले में आगे की सुनवाई केंद्र के जवाब के बाद ही होगी।








