Bihar Kidnapping: बिहार के दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा स्थित सिमरी गांव में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिवार ने गांव के ही एक युवक पर बहला-फुसलाकर लड़की को अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है। शिकायत में आरोपी युवक के माता-पिता पर भी इस घटना में सहयोग और संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरभंगा: पंचायती का फैसला भी नहीं माना, नाबालिग लड़की को घर से उठा ले गया आरोपी! परिवार दहशत में
Darbhanga Kidnapping: बिहार के दरभंगा जिले में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। सिमरी थाना क्षेत्र के एक गांव से एक नाबालिग लड़की के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने गांव के ही एक युवक पर उनकी पोती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है। यह घटना तब हुई जब आरोपी को पहले भी लड़की को परेशान करने के लिए पंचायती में चेतावनी दी गई थी।






शिकायत के अनुसार, आरोपी अविनाश कुमार सहनी, उसके पिता महेश सहनी और मां इंदु देवी पर भी इस घटना में सहयोग और संरक्षण देने का आरोप है। पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन परिवार लड़की की सुरक्षा को लेकर गहरे सदमे में है।
पंचायती के बाद भी नहीं सुधरा आरोपी, महीनों से कर रहा था परेशान
पीड़ित परिवार ने बताया कि आरोपी अविनाश कुमार सहनी कई महीनों से उनकी नाबालिग पोती को लगातार परेशान कर रहा था। वह लड़की का पीछा करता था, रास्ते में रोककर छेड़खानी करता था और अश्लील बातें भी बोलता था। जब लड़की पढ़ाई या किसी काम से घर से बाहर निकलती थी, तो आरोपी उसे परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ता था।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए, लड़की के परिजनों ने गांव के मुखिया, सरपंच और अन्य गणमान्य लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद 30 जनवरी 2026 को एक पंचायती बैठक बुलाई गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि यदि अविनाश दोबारा लड़की को परेशान करता पाया गया, तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इस फैसले को बांड पेपर पर दोनों पक्षों और गवाहों के हस्ताक्षर के साथ दर्ज किया गया था।
दिनदहाड़े घर से अगवा, परिवार को अनहोनी का डर
पंचायती के कुछ दिनों तक आरोपी शांत रहा, लेकिन 20 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11 बजे उसने फिर अपनी हरकत दोहराई। जब परिवार के अधिकतर सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे, अविनाश कुमार सहनी कथित तौर पर लड़की के घर पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शाम को जब परिवार के लोग घर लौटे और लड़की को घर पर नहीं पाया, तो उनकी चिंता बढ़ गई। उन्होंने रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
परिवार का आरोप है कि उन्हें बाद में पता चला कि अविनाश ने अपनी मां इंदु देवी और पिता महेश सहनी के सहयोग से नाबालिग को अगवा किया है। शिकायतकर्ता ने तीनों की संलिप्तता की आशंका जताते हुए पुलिस से लड़की को जल्द बरामद करने की मांग की है। परिवार को डर है कि नाबालिग को कोई नुकसान पहुंचाया जा सकता है या उसे कहीं ले जाकर बेचा भी जा सकता है।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, तकनीकी टीम भी सक्रिय
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने तत्काल कार्रवाई की। पीड़ित परिवार के आवेदन पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज की गई और मामले की जांच एसआई पन्नालाल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस ने नाबालिग की जल्द बरामदगी और आरोपी अविनाश कुमार सहनी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है।
थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि पुलिस तकनीकी सेल की मदद ले रही है। आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल और उसकी लोकेशन की जानकारी जुटाई जा रही है। संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और रेलवे स्टेशनों तथा बस स्टैंडों पर भी पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग को जल्द से जल्द सकुशल बरामद करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना से गांव के लोगों में भी गहरी चिंता है। ग्रामीणों ने पुलिस से नाबालिग की शीघ्र बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई महीनों से पीछा कर रहा था आरोपी, पंचायत भी हुई
पीड़िता के दादा ने पुलिस को बताया कि आरोपी अविनाश कुमार सहनी उनकी नाबालिग पोती को कई महीनों से परेशान कर रहा था। आरोप है कि वह लड़की का लगातार पीछा करता था, उसे रास्ते में रोककर छेड़खानी करता था और अश्लील बातें कहता था। पढ़ाई या किसी अन्य काम से घर से बाहर निकलने पर भी आरोपी उसे नहीं छोड़ता था। इन हरकतों से परेशान होकर परिजनों ने गांव के मुखिया, सरपंच और अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी थी।
इस मामले में 30 जनवरी को एक पंचायती बैठक बुलाई गई थी। शिकायत के अनुसार, पंचायत में यह फैसला हुआ था कि यदि आरोपी अविनाश दोबारा लड़की को परेशान करता पाया गया, तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में एक बांड पेपर भी तैयार किया गया था, जिस पर दोनों पक्षों और गवाहों के हस्ताक्षर भी लिए गए थे।
पंचायत के बाद भी नहीं रुका उत्पीड़न, घर से उठा ले गया
पंचायती के बाद कुछ दिनों तक अविनाश शांत रहा, लेकिन 20 जुलाई को सुबह उसने फिर अपनी हरकत दोहराई। उस समय परिवार के अधिकतर सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। आरोप है कि अविनाश घर पहुंचा और नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शाम को जब परिजन घर लौटे, तो लड़की घर पर नहीं मिली। इसके बाद रिश्तेदारों, पड़ोसियों और परिचितों के यहां काफी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
परिवार का आरोप है कि उन्हें बाद में जानकारी मिली कि अविनाश अपनी मां इंदु देवी और पिता महेश सहनी के सहयोग से नाबालिग को लेकर गया है। शिकायतकर्ता ने तीनों की संलिप्तता की आशंका जताते हुए पुलिस से लड़की को जल्द बरामद करने की मांग की है। परिवार को डर है कि नाबालिग को नुकसान पहुंचाया जा सकता है या उसे कहीं ले जाकर बेचा भी जा सकता है।
पुलिस की विशेष टीम गठित, तकनीकी सेल की मदद से तलाश जारी
सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया, ‘पीड़ित परिवार के आवेदन पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच एसआई पन्नालाल सिंह को सौंपी गई है।’
पुलिस ने नाबालिग की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। थानाध्यक्ष के अनुसार, आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन की जानकारी जुटाने के लिए तकनीकी सेल की मदद ली जा रही है। पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग को जल्द से जल्द सकुशल बरामद करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के साथ पूरे गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायती के बावजूद आरोपी ने लड़की को परेशान करना बंद नहीं किया। ग्रामीणों ने पुलिस से नाबालिग की जल्द बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।








