Kewati News: बिहार के केवटी प्रखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। मुस्लिम +2 उच्च विद्यालय के सम्मानित रसायन शास्त्र शिक्षक और डीपीएस के पूर्व निदेशक जुनैद खान का निधन हो गया है। बुधवार रात पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत से पूरे लहवार गांव और आसपास के इलाकों में गहरा मातम पसर गया है।
सेवानिवृत्ति से ठीक 20 दिन पहले हुआ हादसा, पिकअप वैन ने ली जान
बीते 10 अगस्त को एक भीषण सड़क दुर्घटना में 60 वर्षीय जुनैद खान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एक पिकअप वैन ने टक्कर मार दी थी। यह दुखद घटना उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले हुई, क्योंकि इसी महीने की 30 तारीख को वे सेवा निवृत्त होने वाले थे।

गुरुवार को जब उनका पार्थिव शरीर लहवार गांव पहुंचा, तो वहां कोहराम मच गया। उनकी पत्नी नुरूशवा और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस अप्रत्याशित क्षति से परिवार सदमे में है।
मृदुभाषी शिक्षक के निधन पर शोक, कई गणमान्य लोगों ने जताया दुख
जुनैद खान अपने मृदुभाषी स्वभाव, कुशल व्यवहार और एक बेहतरीन वक्ता के रूप में प्रखंड क्षेत्र के अलावा दूर-दूर तक पहचाने जाते थे। उनके निधन की खबर सुनकर पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
पूर्व केंद्रीय मंत्री मो अली अशरफ फातमी, पूर्व विधायक फराज फातमी, मिश्री लाल यादव और मुमताज अंसारी ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। डीपीएस हाजीपुर के वर्तमान निदेशक मो हक्की और मुलायम सिंह यादव ने भी शोक जताया।
इसके अतिरिक्त, पूर्व राजद प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल मन्नान अंसारी और पूर्व मुखिया संघ अध्यक्ष व दिघियार के मुखिया फतेह अहमद सहित कई गणमान्य लोगों ने इस दुखद घड़ी में अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
जुनैद खान को लहवार गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। वे अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र और तीन पुत्रियों सहित एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
इधर, डीपीएस हाजीपुर विद्यालय के प्राचार्य श्याम सुंदर भगत की अध्यक्षता में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। इस क्षति से शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।







