Bihar EOU: बड़ी खबर | बिहार के सभी 12 पुलिस रेंज में EOU की नई इकाइयां होंगी गठित ! तिरहुत, चंपारण, मिथिला, सारण, मगध, शाहाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, मुंगेर, कोसी, पूर्णिया में आर्थिक अपराधियों की उल्टी गिनती शुरू।
बिहार में बढ़ते आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा। बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजा है। इस पहल के तहत राज्य के सभी 12 पुलिस रेंज में ईओयू की नई इकाइयां गठित होंगी। इसके साथ ही, भारत-नेपाल सीमा से सटे 8 जिलों के लिए एक विशेष बॉर्डर रीजनल इकोनोमिक इंटेलिजेंस यूनिट का भी गठन किया जाएगा।
ईओयू के एडीजी अमित कुमार जैन ने सोमवार को पटना के सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में इन योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विस्तार से आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों की जांच और निगरानी में तेजी आएगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
बड़ी खबर! बिहार में अब हर रेंज में EOU, आर्थिक अपराधियों की उल्टी गिनती शुरू
Bihar EOU: आर्थिक अपराधों पर प्रभावी लगाम कसने के लिए बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। अब राज्य के सभी 12 पुलिस रेंज में ईओयू की नई इकाइयां गठित होंगी। इसके साथ ही, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 8 जिलों के लिए विशेष ‘बॉर्डर रीजनल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट’ का भी गठन होगा। बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है।
सोमवार को पटना स्थित सरदार पटेल भवन में एक प्रेस वार्ता के दौरान आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी अमित कुमार जैन ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया। उन्होंने बताया कि इस विस्तार से आम जनता को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब शिकायत दर्ज कराने या किसी भी कार्रवाई के लिए राजधानी पटना नहीं आना पड़ेगा। हर जिले में इंस्पेक्टर स्तर के एक पुलिस अधिकारी को ईओयू का नोडल पदाधिकारी बनाया जा रहा है, जिससे संबंधित कांडों की निगरानी आसान होगी।
रेंज स्तर पर EOU की तैनाती से अपराधियों में खौफ
एडीजी अमित कुमार जैन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में ईओयू से जुड़ी हर कार्रवाई के लिए पटना से ही टीमें भेजी जाती हैं, जिसमें काफी समय और संसाधन लगते हैं। रेंज मुख्यालयों पर ईओयू की इकाई बनने के बाद जांच अधिकारी वहीं बैठेंगे। इससे न केवल जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि लोगों के लिए शिकायत दर्ज कराना भी सुलभ हो जाएगा। यह कदम बिहार EOU की पहुंच को जमीनी स्तर तक ले जाएगा, जिससे आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण अधिक प्रभावी होगा।
बॉर्डर इंटेलिजेंस यूनिट नकली नोटों पर कसेगी शिकंजा
ईओयू की ‘बॉर्डर रीजनल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट’ भारत-नेपाल सीमा से सटे 8 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ मिलकर काम करेगी। इस इकाई का मुख्य कार्य नकली नोटों सहित अन्य आर्थिक अपराधों से जुड़ी गुप्त सूचनाएं (आसूचनाएं) इकट्ठा करना होगा। इन सूचनाओं के आधार पर त्वरित और सटीक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सीमा पार से होने वाले वित्तीय अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
बौद्धिक संपदा और संपत्ति जब्ती के लिए नए सेल
आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि EOU में दो नए महत्वपूर्ण सेल का गठन किया गया है। इनमें ‘बौद्धिक संपदा अपराध सेल’ और ‘संपत्ति संपहरण एवं राज्यसात शाखा’ शामिल हैं।
ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कहा, “बौद्धिक संपदा अपराध सेल कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के गलत तथा आपराधिक इस्तेमाल से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई करेगा। सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के चलते ऐसे मामले बढ़े हैं। वहीं, दूसरी इकाई विशेष न्यायालयों से प्राप्त होने वाले संपत्ति अधिग्रहण व जब्ती सहित अन्य मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।”
परीक्षा गड़बड़ी के 44 मामलों की जांच में जुटी EOU
एडीजी अमित जैन ने यह भी बताया कि आर्थिक अपराध इकाई वर्तमान में परीक्षा में गड़बड़ी से संबंधित कुल 44 मामलों की गहन जांच कर रही है। इनमें NEET 2026 और री-NEET 2026 के चार महत्वपूर्ण मामले शामिल हैं। इसके अलावा, केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), एईडीओ (सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी) और शिक्षक नियुक्त परीक्षा 2024 (टीआरई-तीन) से जुड़े मामले भी जांच के दायरे में हैं। जून 2026 के बाद से ईओयू ने 11 कांडों में आरोप पत्र भी दाखिल किए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) के तहत 108 करोड़ रुपये की संपत्तियों की जब्ती से संबंधित 10 प्रस्ताव प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजे गए हैं।
बिहार के सभी 12 पुलिस रेंज जहां EOU की नई इकाइयां गठित होंगी, वे इस प्रकार हैं:
- पटना
- तिरहुत
- चंपारण
- मिथिला
- सारण
- मगध
- शाहाबाद
- बेगूसराय
- भागलपुर (पूर्वी क्षेत्र)
- मुंगेर
- कोसी
- पूर्णिया
इस विस्तार से बिहार में आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
अब पटना नहीं, आपके जिले में होगी EOU की कार्रवाई
ईओयू के एडीजी अमित कुमार जैन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में आर्थिक अपराध से जुड़ी किसी भी शिकायत या कार्रवाई के लिए टीम को राजधानी पटना से भेजना पड़ता है। नई इकाइयों के गठन के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
फिलहाल हर जिले में इंस्पेक्टर स्तर के एक पुलिस पदाधिकारी को ईओयू का नोडल पदाधिकारी नामित किया जा रहा है। इससे उन जिलों में ईओयू से संबंधित कांडों की निगरानी में आसानी होगी। ईओयू की इकाई रेंज मुख्यालय पर ही बनने के बाद जांच पदाधिकारी भी वहीं बैठेंगे। शिकायत दर्ज कराने के लिए भी लोगों को पटना नहीं आना होगा।
यह कदम लोगों को स्थानीय स्तर पर न्याय दिलाने और शिकायतों के त्वरित निपटारे में मदद करेगा।
बॉर्डर पर लगाम, नए सेल से मजबूत होगी बिहार EOU
आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ईओयू की बॉर्डर रीजनल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट नेपाल सीमा से लगे 8 जिलों के एसपी के साथ मिलकर काम करेगी। ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि यह इकाई नकली नोटों सहित आर्थिक अपराध के अन्य संवेदनशील बिंदुओं पर गुप्त सूचनाएं इकट्ठा करेगी, जिसके आधार पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ईओयू में दो नए सेल का भी गठन किया गया है, जो इकाई को और मजबूत करेंगे:
- बौद्धिक संपदा अपराध सेल: यह सेल कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के गलत तथा आपराधिक इस्तेमाल से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई करेगा। सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के कारण ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
- संपति संपहरण एवं राज्यसात शाखा: यह इकाई विशेष न्यायालयों से प्राप्त होने वाले संपत्ति अधिग्रहण और जब्ती सहित अन्य मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
परीक्षा धांधली और मनी लॉन्ड्रिंग पर भी एक्शन
एडीजी (ईओयू) अमित जैन ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई वर्तमान में परीक्षा में गड़बड़ी से संबंधित 44 महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रही है। इनमें नीट 2026 और रि-नीट 2026 के चार मामले, केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), एईडीओ (सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी) और शिक्षक नियुक्त परीक्षा 2024 (टीआरई-तीन) से जुड़े केस शामिल हैं। जून 2026 के बाद से ईओयू ने 11 कांडों में आरोप पत्र भी दाखिल किया है।
मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) के तहत, ईओयू ने अब तक 108 करोड़ रुपये की संपत्तियों की जब्ती से संबंधित 10 प्रस्ताव प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजे हैं, जिन पर आगे की कार्रवाई जारी है। बिहार के 12 पुलिस रेंज, जहां ईओयू की नई इकाइयां बनेंगी, वे इस प्रकार हैं:
| क्र.सं. | पुलिस रेंज |
|---|---|
| 1 | पटना |
| 2 | तिरहुत |
| 3 | चंपारण |
| 4 | मिथिला |
| 5 | सारण |
| 6 | मगध |
| 7 | शाहाबाद |
| 8 | बेगूसराय |
| 9 | भागलपुर (पूर्वी क्षेत्र) |
| 10 | मुंगेर |
| 11 | कोसी |
| 12 | पूर्णिया |
ईओयू का यह विस्तार बिहार में आर्थिक अपराधों पर नकेल कसने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आम लोगों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।








You must be logged in to post a comment.