Bihar Teacher Attendance: बिहार के शिक्षा विभाग में एक बार फिर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक शिक्षिका के विदेश में रहने के बावजूद उनकी उपस्थिति स्कूल और प्रशिक्षण दोनों जगह दर्ज होती रही। इस गंभीर मामले को डीडीसी तक पहुंचने के बाद अब बिहार शिक्षा विभाग ने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। यह पूरा प्रकरण थावे प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुकेरी टोला की तत्कालीन शिक्षिका सना रेयाज से जुड़ा है, जो फिलहाल सदर प्रखंड के उर्दू प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं।
विदेश में थी शिक्षिका, यहाँ लग रही थी हाजिरी
जांच में सामने आया है कि शिक्षिका सना रेयाज 21 जनवरी 2017 को नई दिल्ली से सऊदी अरब गई थीं और 30 मार्च 2017 को भारत लौटीं। इस पूरी अवधि के दौरान स्कूल के साथ-साथ उनके डीएलएड प्रशिक्षण के अभिलेखों में भी उनकी उपस्थिति दर्ज होती रही। यह मामला पहली बार नहीं है बल्कि लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। पासपोर्ट और ई-टिकट की जांच में शिक्षिका के विदेश में रहने की पुष्टि हुई है। अब सवाल यह उठ रहा है कि विदेश में होने के बावजूद उनकी हाजिरी कैसे लगी और इसमें कौन-कौन शामिल था।
डीएलएड ट्रेनिंग और बेटे के जन्म पर भी सवाल
शिक्षिका सना रेयाज पर डीएलएड सत्र 2016-18 के दौरान भी अनियमितताओं के आरोप हैं, जहाँ न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य थी। बताया जा रहा है कि डायट थावे प्रशिक्षण केंद्र की उपस्थिति पंजी भी गायब है, जिससे संदेह और गहरा गया है। विभाग अब इस बात की भी जांच करेगा कि शिक्षिका ने विदेश जाने के लिए विभाग से अनुमति ली थी या नहीं और किस आधार पर उनके अवकाश को स्वीकृति मिली थी। इसके अलावा, नवंबर 2017 की विद्यालय उपस्थिति भी जांच के दायरे में है। शिक्षिका के पुत्र का जन्म दो नवंबर 2017 को हुआ था, लेकिन उस महीने की हाजिरी पंजी में भी उनकी उपस्थिति दर्ज मिली थी। इन सभी बिंदुओं पर दोबारा गहन जांच की जाएगी।
सख्त हुई शिक्षा विभाग की जांच, क्या होगी कार्रवाई?
स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने सदर प्रखंड के बीइओ नीरज कुमार को प्रकाशित सभी बिंदुओं की साक्ष्य के साथ विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
बीइओ नीरज कुमार ने बताया कि संबंधित शिक्षिका को बीआरसी बुलाकर मामले की जानकारी ली गई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षिका से भी इस मामले में जवाब तलब किया जाएगा। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है, और अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।







