Bihar STET: बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (Bihar STET 2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है, जिससे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अब इच्छुक उम्मीदवार 15 सितंबर तक अपना आवेदन फॉर्म भर सकते हैं और परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई थी। समिति ने यह निर्णय बड़ी संख्या में छात्रों के आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेज समय पर उपलब्ध न होने की जानकारी मिलने के बाद लिया है।
दस्तावेजों की कमी बनी वजह
आवेदन की समय सीमा बढ़ने से उन अभ्यर्थियों को विशेष लाभ मिला है, जो दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण अब तक अपना STET 2026 फॉर्म पूरा नहीं कर पाए थे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इस कदम से छात्रों को अपने अंक पत्र और प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। समिति ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपनी समस्याएं साझा की थीं। विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पा रहे थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए, छात्रों के व्यापक हित में आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के छात्रों को विशेष राहत
इस फैसले का सर्वाधिक प्रभाव बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से बीएड की पढ़ाई पूरी करने वाले अभ्यर्थियों पर पड़ने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय से अंक पत्र और मूल प्रमाण पत्र समय पर न मिलने के कारण कई छात्र परेशान थे। उनके सामने न केवल Bihar STET बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन की भी चुनौती थी। अब नई समय सीमा मिलने से इन अभ्यर्थियों को जरूरी दस्तावेज जुटाने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। छात्र अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद आसानी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे उन उम्मीदवारों की चिंता कम हुई है, जिन्हें पहले लग रहा था कि दस्तावेजों की देरी के कारण उनका आवेदन छूट सकता है।
शनिवार को बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर में भी इस समस्या का स्पष्ट नजारा देखने को मिला। परीक्षा विभाग में अपने अंक पत्र लेने के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे। दूरदराज के इलाकों से आए अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगी थीं। कई छात्रों को अपने दस्तावेज हासिल करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। अभ्यर्थियों का कहना था कि अंक पत्र समय पर न मिलने से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही थीं। STET जैसी महत्वपूर्ण शिक्षक पात्रता परीक्षा के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरने में भी ये दस्तावेज अनिवार्य होते हैं। इस प्रकार, प्रमाण पत्रों की देरी उनके भविष्य की योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही थी।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इस निर्णय से लाखों युवाओं को शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का एक और मौका मिला है। अब सभी पात्र अभ्यर्थी समय रहते अपने दस्तावेज तैयार कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे, जिससे उन्हें अपने सपनों को पूरा करने में मदद मिलेगी।






