Bihar Drone Security: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बिहार में बढ़ते सुरक्षा खतरों के मद्देनजर राज्य के संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और काउंटर-ड्रोन क्षमताओं को मजबूत करने का फैसला किया है। इस महत्वपूर्ण पहल से सीआईएसएफ की सुरक्षा के दायरे में आने वाले प्रमुख प्रतिष्ठान लाभान्वित होंगे। इनमें पटना, दरभंगा और गया के हवाई अड्डे, साथ ही बरौनी स्थित एनटीपीसी संयंत्र शामिल हैं। सीआईएसएफ ने ड्रोन से संबंधित प्रौद्योगिकियों के उपयोग, परिचालन तैयारियों और प्रशिक्षण में सुधार के लिए ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (DFI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
बहरोड़ बनेगा ड्रोन सुरक्षा का केंद्र
समझौते के तहत, राजस्थान के बहरोड़ में स्थित सीआईएसएफ के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां कर्मियों को संदिग्ध ड्रोन की पहचान करने, उन्हें ट्रैक करने, जवाबी कार्रवाई करने और ड्रोन से संबंधित घटनाओं का फोरेंसिक विश्लेषण करने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास संभावित ड्रोन खतरों का पता लगाने और उनका जवाब देने की बल की क्षमता को बढ़ाना है।
संयुक्त अभ्यास और मानक संचालन प्रक्रिया
इस एमओयू में काउंटर-ड्रोन प्रणालियों को तैनात करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का प्रावधान भी है। सीआईएसएफ और डीएफआई संयुक्त रूप से पायलट परियोजनाएं, संयुक्त अभ्यास और रेड-टीमेंग अभ्यास करेंगे। इन अभ्यासों के माध्यम से परिचालन स्थितियों में ड्रोन से संबंधित खतरों के खिलाफ तैयारियों का आकलन किया जाएगा। इन अभ्यासों का मुख्य फोकस ड्रोन का पता लगाने और पहचान करने से लेकर उचित जवाबी कार्रवाई तक की प्रतिक्रिया श्रृंखला को मजबूत करना होगा।
सीआईएसएफ के डीआईजी और एमपीआरटीसी बहरोड़ के प्राचार्य डॉ. सी.डी. नायक ने सीआईएसएफ की ओर से, जबकि ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष स्मित शाह ने अपनी संस्था की ओर से नई दिल्ली स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीण रंजन, एडीजी (उत्तर) सुधीर कुमार, एडीजी (मुख्यालय) विजय प्रकाश और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
यह पहल बिहार में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और ऊर्जा सुविधाओं पर ड्रोन से संबंधित सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए सीआईएसएफ के तकनीकी और परिचालन ढांचे को मजबूत करेगी। इससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।






