Jale Panchayat Fraud: आंचल कुमारी दरभंगा। बिहार के जाले प्रखंड में ग्रामसभा के नाम पर हुए एक बड़े फर्जीवाड़े ने सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राढ़ी उत्तरी पंचायत में बिना किसी बैठक के मनगढ़ंत कार्यवाही और फर्जी हस्ताक्षरों से सरकारी खजाने से विकास के नाम पर लाखों रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। इस जाले प्रखंड पंचायत फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद मुखिया आशा देवी और पंचायत सचिव रंजीत रंजन सत्यार्थी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह पूरा खेल तब सामने आया जब वार्ड सदस्य विपिन कुमार ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी (डीएम) से की। उनकी शिकायत पर डीएम ने तत्काल जांच के आदेश दिए, जिसके बाद चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए।

ग्रामसभा के नाम पर कैसे हुआ घोटाला?
राढ़ी उत्तरी पंचायत में जनतंत्र का सबसे बड़ा मंच, यानी ग्रामसभा, केवल कागजों तक ही सीमित रह गई। आरोप है कि बिना किसी वास्तविक बैठक के, ग्रामीणों को सूचित किए बिना ही कार्यवाही पंजी पर मनगढ़ंत विवरण दर्ज कर दिए गए। इन फर्जी कागजातों में कूटरचित हस्ताक्षर बनाए गए और उन्हीं के आधार पर विकास योजनाओं के नाम पर सरकारी खजाने से लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया।
यह अनियमितता सरकारी धन के दुरुपयोग का एक गंभीर उदाहरण है, जहां प्रक्रियागत पारदर्शिता को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया।
जांच रिपोर्ट में सामने आए पुख्ता सबूत
वार्ड सदस्य विपिन कुमार की शिकायत के बाद, 29 मई 2025 को डीएम के आदेश पर विस्तृत जांच की गई। इस जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि:
पंचायत के सरकारी दस्तावेजों में प्रथम दृष्टया जालसाजी और कूटरचना के पुख्ता सबूत हैं।
इस रिपोर्ट ने फर्जीवाड़े की पुष्टि कर दी, जिसके बाद डीएम ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुखिया और सचिव पर FIR, आगे क्या?
डीएम के कड़े निर्देशों के बाद, कमतौल पुलिस ने राढ़ी उत्तरी पंचायत की मुखिया आशा देवी और पंचायत सचिव रंजीत रंजन सत्यार्थी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि इस बड़े फर्जीवाड़े में और भी कई नाम सामने आ सकते हैं।
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि जब ग्रामसभा जैसी बुनियादी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ही फर्जी होगी, तो गांव का विकास कैसे वास्तविक और प्रभावी हो पाएगा? पुलिस की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई से ही इस पूरे मामले की परतें खुल पाएंगी और दोषियों को सजा मिल सकेगी।







