Bihar Revenue Department: बिहार में जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण कामों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य सरकारी कार्यों में अनियमितता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कुल 13 अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया है। विभागीय मंत्री ने 1 सितंबर 2026 को इन मामलों में कार्रवाई को मंजूरी दी है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है।
इस कार्रवाई की जद में कई जिलों के भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR), अंचलाधिकारी (CO) और कानूनगो शामिल हैं। जिन अधिकारियों पर गाज गिरी है, उनमें नवादा के DCLR गौरव शंकर, लखीसराय की तत्कालीन CO सुप्रिया आनंद, पटना के फुलवारीशरीफ और दानापुर के तत्कालीन CO चंदन कुमार, गया के मानपुर के तत्कालीन CO सुबोध कुमार समेत कई अन्य शामिल हैं।
दाखिल-खारिज और परिमार्जन में गड़बड़ी: इन अधिकारियों पर गंभीर आरोप
DCLR गौरव शंकर (नवादा): नवादा के DCLR गौरव शंकर पर आरोप है कि टाइटल सूट का मामला कोर्ट में चल रहा था, इसके बावजूद उन्होंने अपील करने वाले पक्ष के हित में फैसला सुना दिया। इस गंभीर मामले में उनके खिलाफ तैयार आरोप पत्र सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है।
तत्कालीन CO सुप्रिया आनंद (लखीसराय): लखीसराय की तत्कालीन CO सुप्रिया आनंद पर बिना सूचना दिए दफ्तर से गायब रहने का आरोप है। इसके अलावा, जनप्रतिनिधियों के साथ गलत व्यवहार और बिचौलियों के माध्यम से दाखिल-खारिज तथा परिमार्जन कराने के आरोप भी उन पर लगे हैं। इस संबंध में उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया गया है।
तत्कालीन CO चंदन कुमार (फुलवारीशरीफ, पटना): पटना के फुलवारीशरीफ के तत्कालीन CO चंदन कुमार पर जमीन के वास्तविक रकबे से अधिक का दाखिल-खारिज करने का आरोप है। उन पर दोहरी जमाबंदी बनाने और पोर्टल में छेड़छाड़ करने जैसे गंभीर आरोप भी हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अभी भी जारी है।
तत्कालीन CO सुबोध कुमार (मानपुर, गया): गया के मानपुर के तत्कालीन CO सुबोध कुमार पर पार्टीशन सूट का मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद गलत तरीके से दाखिल-खारिज करने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया गया है।
तत्कालीन CO राम प्रवेश प्रसाद (रहिका, मधुबनी): मधुबनी के रहिका के तत्कालीन CO और अब सेवानिवृत्त हो चुके राम प्रवेश प्रसाद पर गलत केवाला के आधार पर दाखिल-खारिज करने का आरोप है। आरोपों की पुष्टि होने के बाद उनसे अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
लापरवाही और सरकारी काम में ढिलाई: कई CO जांच के घेरे में
तत्कालीन CO चंदन कुमार (दानापुर, पटना): दानापुर के तत्कालीन CO चंदन कुमार के खिलाफ दानापुर थाने में दर्ज एक केस से जुड़ा मामला है। उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी, यानी अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव, विधि विभाग को भेजा गया है।
तत्कालीन CO आनंद कुमार (घोड़ासहन, पूर्वी चंपारण): पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन के तत्कालीन CO आनंद कुमार पर दफ्तर में अनुपस्थित रहने और अपने काम में ढिलाई बरतने का आरोप है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
तत्कालीन CO स्मिता कुमारी (गढ़पुरा, बेगूसराय): बेगूसराय के गढ़पुरा की तत्कालीन CO स्मिता कुमारी से भी जवाब मांगा गया है। उनके मामले में बार-बार कहने के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं देने और काम में अनावश्यक देरी करने की बात सामने आई है।
तत्कालीन CO निखिल (बगहा-2): बगहा-2 के तत्कालीन CO निखिल से भी उनका पक्ष मांगा गया है। ‘अभियान बसेरा-2’, आधार सीडिंग और Bihar Revenue Department से जुड़े परिमार्जन कार्यों में उनकी रिपोर्ट खराब पाई गई थी।
गलत प्रमाण पत्र और ट्रांसफर नियमों की अनदेखी
तत्कालीन CO ओम प्रकाश (शेखपुरा): शेखपुरा के तत्कालीन CO और अब सेवानिवृत्त हो चुके ओम प्रकाश पर गलत जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अभी भी चल रही है।
तत्कालीन कानूनगो मो. शाकिब अलाउद्दीन (दरभंगा): दरभंगा के तत्कालीन कानूनगो मो. शाकिब अलाउद्दीन पर ट्रांसफर होने के बाद लखीसराय कार्यालय में ज्वाइन नहीं करने का आरोप है। इस मामले में भी उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया गया है।
तत्कालीन CO चंदन कुमार (परबत्ता, खगड़िया): खगड़िया के परबत्ता के तत्कालीन CO चंदन कुमार पर हाई कोर्ट में समय पर शपथ पत्र दाखिल नहीं करने का मामला है। इस लापरवाही के कारण विभाग पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगा था। अब इसी मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इस सख्त कार्रवाई से अधिकारियों में संदेश गया है कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का यह कदम पारदर्शिता लाने और आम लोगों को बेहतर सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







