Bhagalpur Ganga Erosion: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. नवगछिया के राघोपुर में गंगा के भीषण कटाव ने भारी तबाही मचा दी है. इस कटाव की चपेट में आकर करीब एक सदी पुराने चैती दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर देखते ही देखते गंगा की तेज धार में समा गए. जिस स्थान पर वर्षों से श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी थी, वहां अब सिर्फ गंगा की उफनती धारा दिखाई दे रही है.
मंदिरों के अचानक नदी में समाने का यह भयावह मंजर देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ ही सेकंड के भीतर मंदिर का पूरा हिस्सा जमीन समेत गंगा में विलीन हो गया. इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा सदमा और दहशत है, क्योंकि कटाव लगातार जारी है.
भागलपुर में गंगा का कहर: सदियों पुराने चैती दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर नदी में समाए, क्या बच पाएंगे हजारों घर?
Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित राघोपुर में गंगा नदी का कटाव लगातार भयावह रूप लेता जा रहा है। तेज धार के कारण करीब एक सदी पुराने चैती दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर देखते ही देखते गंगा की गोद में समा गए। इस भयावह स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने मंगलवार को प्रभावित इलाके का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटा है।
स्थानीय लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है, क्योंकि उनके घर कटाव वाले इलाके में हैं। राघोपुर में गंगा की धारा इन दिनों किनारे को तेजी से काट रही है, जिसका सबसे बड़ा असर नदी किनारे बसे लोगों और वहां मौजूद पुराने निर्माणों पर पड़ रहा है। चैती दुर्गा मंदिर और हनुमान मंदिर लंबे समय से स्थानीय लोगों की आस्था के केंद्र थे, लेकिन गंगा के तेज कटाव के सामने ये प्राचीन ढाँचे टिक नहीं पाए।
गंगा ने निगले आस्था के केंद्र, ग्रामीणों में हड़कंप
मौके पर मौजूद लोगों ने मंदिरों के नदी में समाने का भयावह दृश्य अपनी आंखों से देखा। कुछ ही सेकंड में जमीन का बड़ा हिस्सा धंस गया और मंदिर का ढांचा गंगा की तेज धार में बह गया। इस घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। जिस स्थान पर वर्षों से पूजा-अर्चना होती थी, वहां अब गंगा की उफनती धारा दिखाई दे रही है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जिन परिवारों के मकान कटाव के खतरे वाले क्षेत्र में हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
राघोपुर में गंगा कटाव की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। कटाव प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की भी जिलाधिकारी ने समीक्षा की।
विस्थापन का खतरा और प्रशासन की निगरानी
राघोपुर में कटाव सिर्फ जमीन के नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी किनारे रहने वाले सैकड़ों परिवारों के सामने अब अपने घर और जमीन बचाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। गंगा की धारा जिस रफ्तार से किनारे को काट रही है, उससे स्थानीय लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। कई लोग संभावित खतरे को देखते हुए अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रशासन की टीमें इलाके की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कटाव प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। खतरे वाले स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत-बचाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
कटाव प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं जिलाधिकारी अलंकृता पांडे
गंगा के लगातार जारी कटाव और गंभीर स्थिति को देखते हुए, भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे तुरंत मौके पर पहुंचीं. उन्होंने प्रभावित इलाके का विस्तृत निरीक्षण किया और अधिकारियों से कटाव रोकने तथा राहत-बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली. जिलाधिकारी ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए.
जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने बताया, “कटाव से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और ऊंचे इलाकों में ले जाया जा रहा है. साथ ही, जिन लोगों के मकान कटाव प्रभावित क्षेत्र में हैं, उनसे सुरक्षित स्थान पर चले जाने की अपील की जा रही है.”
प्रशासन की कड़ी निगरानी और लोगों में दहशत
प्रशासन की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. हालांकि, राघोपुर में गंगा की तेज धारा के कारण कटाव का खतरा अभी भी बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
गंगा का यह भयावह रूप न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि लोगों की आस्था और जीवनशैली पर भी गहरा असर डाल रहा है. प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, ताकि प्रभावितों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके.








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