Bihar BPSC: बिहार लोक सेवा आयोग (बिहार लोक सेवा आयोग) ने 72वीं एकीकृत संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा की भर्ती प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण संशोधन किया है। आयोग द्वारा जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के दो पदों को कम कर दिया गया है, जिससे इस प्रतिष्ठित पद के लिए तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है।
पहले इस परीक्षा के तहत पुलिस उपाधीक्षक के 22 पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित थीं, लेकिन अब यह संख्या घटाकर 20 कर दी गई है। इस बदलाव के बाद, 72वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से कुल 1187 पदों पर चयन प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

DSP पदों की संख्या में कटौती: क्या है नया बदलाव?
आयोग द्वारा गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को जारी की गई संशोधित अधिसूचना के मुताबिक, पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पदों की संख्या में कमी की गई है। पहले इन पदों के लिए 22 नियुक्तियाँ प्रस्तावित थीं, लेकिन अब यह संख्या घटाकर 20 कर दी गई है। यह संशोधन सारणी-1 के क्रम संख्या-2 में वर्णित पुलिस उपाधीक्षक के पद से संबंधित है।
इस कटौती का सीधा अर्थ है कि DSP बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध सीटें दो कम हो गई हैं। आयोग ने यह जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के माध्यम से दी है, जिसे 5 मई 2026 को प्रकाशित विज्ञापन के संदर्भ में जारी किया गया है।
अभ्यर्थियों पर सीधा असर: बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
BPSC का यह संशोधन उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो बिहार की प्रतिष्ठित प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस उपाधीक्षक पद के लिए तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को अब बदली हुई रिक्तियों के हिसाब से अपनी रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
सीमित पदों की संख्या के कारण इस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा और अधिक कड़ी होने की संभावना है। अभ्यर्थियों को अब प्रत्येक पद के लिए पहले से कहीं अधिक मेहनत और सटीक रणनीति की आवश्यकता होगी।
कब शुरू हुई थी आवेदन प्रक्रिया?
72वीं एकीकृत संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की अधिसूचना इसी वर्ष 5 मई 2026 को प्रकाशित की गई थी। इसके बाद, 7 मई 2026 से ऑनलाइन आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके लिए योग्य उम्मीदवारों को आमंत्रित किया गया था।
अभ्यर्थियों को आवेदन जमा करने के लिए 31 मई 2026 तक का समय दिया गया था। भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के बीच, अब आयोग ने रिक्तियों में यह संशोधन करते हुए DSP पदों की संख्या में कमी की है।
इस बदलाव के बाद, जो अभ्यर्थी पुलिस उपाधीक्षक के पद पर चयनित होने का सपना देख रहे हैं, उन्हें अब और अधिक कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। आयोग के इस कदम से उम्मीदवारों को अपनी रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता होगी, ताकि वे कम हुए पदों के बावजूद अपनी जगह सुनिश्चित कर सकें।







