Bihar Crime News: मादक पदार्थों के खिलाफ बिहार पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर में सूखे नशे के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कच्ची पक्की थाना क्षेत्र के शेरपुर दिघड़ा इलाके में छापेमारी कर पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है और उनके पास से लगभग 2 लाख रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद की है। इस गिरफ्तारी से ड्रग्स के एक संगठित सिंडिकेट के तार जुड़े होने का बड़ा संकेत मिला है।
लाखों की हेरोइन जब्त, पति-पत्नी गिरफ्तार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस की एक विशेष टीम को शेरपुर दिघड़ा इलाके में एक घर से मादक पदार्थों की बिक्री की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध घर में दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस को लगभग 2 लाख रुपये की हेरोइन मिली, जिसे जब्त कर लिया गया। मौके से राधा देवी और उनके पति संजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपितों ने स्वीकार किया है कि वे वैशाली जिले के महुआ इलाके से हेरोइन और नशीले कैप्सूल की खेप लाते थे। इसके बाद मुजफ्फरपुर के अलग-अलग इलाकों में इसकी सप्लाई और खुदरा बिक्री करते थे। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों को मादक पदार्थ कौन उपलब्ध कराता था और मुजफ्फरपुर में किन-किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जाती थी।
वैशाली से मुजफ्फरपुर तक फैला नेटवर्क
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक और महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। लगभग दो दिन पहले ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हेरोइन और ज्वेलरी के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया है कि दिघड़ा से पकड़े गए पति-पत्नी और ब्रह्मपुरा में गिरफ्तार तीनों आरोपित एक ही सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इन दोनों मामलों को एक साथ जोड़कर पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ, खुलेगा बड़ा राज
टाउन सीडीपीओ विनीता सिन्हा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले लोगों और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में गिरफ्तार आरोपितों से आमने-सामने पूछताछ के बाद गिरोह के मुख्य सरगना और वैशाली के महुआ से जुड़े सप्लायरों के संबंध में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और इसमें शामिल अन्य चेहरों की पहचान करने में जुटी है, ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।







