Bihar Diesel Anudan: बिहार में खरीफ फसल की सिंचाई कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने एक बार फिर Bihar डीजल अनुदान योजना शुरू कर दी है, जिससे किसानों को प्रति एकड़ 2,250 रुपये तक का सीधा लाभ मिल सकेगा। जाले प्रखंड के बीएओ प्रेम नाथ सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए किसानों से समय पर आवेदन करने की अपील की है। यह योजना किसानों को खेती की लागत कम करने में बड़ी मदद करेगी।
आवेदन की प्रक्रिया और कितनी राशि मिलेगी?
डीजल अनुदान के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान 31 अक्टूबर तक इसका लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने प्रति एकड़ 10 लीटर डीजल की खरीद पर 75 रुपये प्रति लीटर की दर से अनुदान देने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि एक बार की सिंचाई (एक पटवन) पर किसानों को अधिकतम 750 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान मिलेगा।
जो किसान तीन बार सिंचाई करते हैं, उन्हें अधिकतम 2,250 रुपये प्रति एकड़ तक का अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, तीनों पटवन के लिए किसानों को अलग-अलग तारीखों पर आवेदन करना होगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के हिसाब से सहायता मिले।
रसीद में ये गलती पड़ेगी भारी, तुरंत करें जांच
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होगा, नहीं तो वे अनुदान से वंचित हो सकते हैं। बीएओ प्रेम नाथ सिंह ने विशेष रूप से आगाह किया है कि डीजल खरीदते समय किसान रसीद की अच्छी तरह जांच कर लें। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि रसीद पर आपके पंजीकरण नंबर के अंतिम 10 अंक दर्ज होना अनिवार्य है।
“डीजल खरीदते समय किसान रसीद लेकर उसकी जांच जरूर करें। रसीद पर अपने पंजीकरण नंबर के अंतिम 10 अंक दर्ज कराना अनिवार्य है। पंजीकरण नंबर दर्ज नहीं होने पर किसान डीजल अनुदान के लाभ से वंचित हो सकते हैं।”
– प्रेम नाथ सिंह, बीएओ, जाले
यह पंजीकरण नंबर उसी पंप की रसीद पर होना चाहिए जहां से सिंचाई के लिए डीजल खरीदा गया है। यदि रसीद में पंजीकरण नंबर दर्ज नहीं होता है, तो किसान को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए, सभी किसानों से अपील की गई है कि वे डीजल खरीदने के तुरंत बाद रसीद में पंजीकरण नंबर की पुष्टि कर लें और निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही अनुदान के लिए आवेदन करें। यह सावधानी उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त करने में मदद करेगी।







