Bhagalpur Flood: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा और कोसी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का संकट गहरा गया है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने समाहरणालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बाढ़ की मौजूदा स्थिति और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से जिले की 56 पंचायतें, 178 गांव और 347 वार्ड प्रभावित हुए हैं।
डीएम अलंकृता पांडे के अनुसार, लगभग 2 लाख 17 हजार 811 लोग सीधे तौर पर बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 22 हजार 35 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। पीड़ितों को राहत पहुंचाने और आवागमन सुचारू रखने के लिए कुल 71 सरकारी और अधिग्रहित नावों का परिचालन किया जा रहा है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए तेजी से राहत कार्य
बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए प्रशासन ने 4 हजार पॉलीथिन शीट और तिरपाल वितरित किए हैं। भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिले में 15 सामुदायिक रसोइयां संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों में 24 तारीख से अब तक एक लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया जा चुका है।
इसके अतिरिक्त, टीएनबी कॉलेजिएट सहित सात प्रमुख स्थानों पर राहत शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में विस्थापित लोगों को आश्रय और आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। पशुधन की सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकता में है, जिसके तहत 9 हजार 343 पशुओं का पंजीकरण किया गया है।
एसडीआरएफ की टीमें और आपदा मित्र तैनात
राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 5 टीमें, 17 मोटरबोट और 501 आपदा मित्र तैनात किए गए हैं। ये टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चला रही हैं और लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद कर रही हैं।
जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा, ‘प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि बाढ़ प्रभावितों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और नुकसान को कम किया जा सके।’
प्रशासन का कहना है कि वे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हरसंभव कदम उठा रहे हैं और जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत कार्य जारी रहेंगे।







