Patna NIA Raid: राजधानी पटना में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक विशेष टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। चित्रगुप्त नगर इलाके में हुई इस Patna NIA Raid के दौरान, रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है। जांच एजेंसी ने एक संदिग्ध व्यक्ति से 20 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, जिससे इस मामले में फंडिंग के बड़े एंगल का खुलासा हुआ है।
एनआईए की यह हाई-प्रोफाइल छापेमारी स्थानीय पुलिस और एसटीएफ के जवानों के साथ मिलकर साईं कुसुम इंफिनिटी अपार्टमेंट के दो फ्लैटों, 1206 और 609 में की गई। दिल्ली में एक मुख्य आरोपी की हालिया गिरफ्तारी के बाद, एनआईए की टीम इस हिंसक साजिश के नेटवर्क को खंगालने के लिए पटना पहुंची थी। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य इन फ्लैटों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल सबूत जब्त करना था, ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
कैसे सामने आया फंडिंग का चौंकाने वाला एंगल?
जांच एजेंसी मंगलवार को भी इसी इलाके में जूडियो मॉल के पास दबिश देने पहुंची थी। एनआईए की टीम असल में संदीप गुप्ता नामक एक अन्य संदिग्ध की तलाश में थी, लेकिन वह मौके से फरार हो गया। हालांकि, इसी दौरान एक चौंकाने वाला सुराग जांच एजेंसियों के हाथ लग गया, जिसने इस मामले में फंडिंग के एंगल को खोल दिया। अपार्टमेंट परिसर में रहने वाला अनमोल कुमार मोदी नामक एक शख्स भारी सुरक्षाबलों को देखकर अचानक घबरा गया और अपना स्कूटर लेकर वहां से भागने की कोशिश करने लगा।
एसटीएफ के सतर्क जवानों ने भागते हुए अनमोल को तुरंत रोक लिया। जब उसके स्कूटर की डिक्की की सघन तलाशी ली गई, तो एक बैग से लगभग बीस लाख रुपये नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी संदिग्ध रकम का स्रोत क्या है, इसे लेकर अनमोल कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद, एनआईए ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। संभावित हवाला या अवैध फंडिंग के शक को देखते हुए, आयकर विभाग को भी इस भारी नकदी बरामदगी की आधिकारिक सूचना दे दी गई है।
NIA की जांच के घेरे में स्क्रैप कारोबारी
हिरासत में लिया गया अनमोल मोदी मूल रूप से पूर्वी चंपारण जिले के चकिया का निवासी है। वर्तमान में उसका परिवार पटना के इसी चित्रगुप्त नगर इलाके में रहता है। स्थानीय पूछताछ में पता चला है कि अनमोल मुख्य रूप से लोहे की छड़ और स्क्रैप मेटल के कारोबार से जुड़ा है। घटना के बाद, मंगलवार को चकिया स्थित उसका पैतृक आवास भी बंद पाया गया।
फिलहाल, एनआईए यह गहराई से पता लगाने में जुटी है कि क्या इस स्क्रैप कारोबारी का आरएसएस दफ्तर पर हुए हमले के साजिशकर्ताओं से कोई सीधा आर्थिक या लॉजिस्टिक कनेक्शन है। इस पूरी कार्रवाई से इलाके में भारी हड़कंप का माहौल है और लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
फिलहाल, एनआईए इस भारी-भरकम राशि के स्रोत और उसके आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले के साजिशकर्ताओं से संभावित संबंधों की गहनता से जांच कर रही है। आयकर विभाग भी इस मामले के वित्तीय पहलुओं की पड़ताल करेगा। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।







