Jale Land Fraud: बिहार के जाले में फर्जी कागजात के आधार पर एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की जमीन बेचने और विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया है। पीड़ित मो. शमीम अख्तर के बेटे मो. नदीम अख्तर के आवेदन पर जाले थाने में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इस गंभीर मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
मो. नदीम अख्तर ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पिता मो. शमीम अख्तर ने कई वर्ष पहले रेवढ़ा गांव में यह जमीन खरीदी थी। आरोप है कि गांव की ही एक महिला ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसी जमीन को बेच दिया। इस फर्जी बिक्री में सालेहा खातून, शाकिया खातून, सुजीत कुमार राय, शिव कुमार, मो. अजमतुल्लाह, नुसरत करीम और रजी आलम को आरोपी बनाया गया है। ये सभी आरोपी रेवढ़ा गांव के निवासी बताए गए हैं।

फर्जी कागजात से बुजुर्ग की जमीन कैसे बिकी?
प्राथमिकी में जमीन की कथित फर्जी बिक्री में विक्रेता, पहचानकर्ता, गवाह और खरीदार की भूमिका का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। नदीम अख्तर ने पुलिस को बताया कि जब उनके बुजुर्ग पिता ने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां एक बुजुर्ग को अपनी ही खरीदी हुई जमीन बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
बेटे ने की परिवार की सुरक्षा की मांग
इस पूरे मामले में मो. नदीम अख्तर ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपने 80 वर्षीय पिता सहित पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह घटना जमीन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को उजागर करती है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों की संपत्ति हड़पने का प्रयास कर रहे हैं।
थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने बताया कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
जाले के थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने पुष्टि की है कि यह मामला जमीन विवाद से संबंधित है और प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सक्रिय रूप से जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले में आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है।







