Bihar Electricity Accident: बिहार के कुशेश्वरस्थान पूर्वी में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में डुबो दिया है। गुरुवार रात आई तेज आंधी के बाद जमीन पर गिरे एक बिजली के तार ने शुक्रवार सुबह एक मासूम बच्ची की जान ले ली। नदी थाना क्षेत्र के बिसुनियां गांव में घर से खेलने निकली छह वर्षीय लक्ष्मी कुमारी करंट प्रवाहित टूटे बिजली तार की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह हृदय विदारक घटना शुक्रवार की सुबह तब हुई जब लक्ष्मी कुमारी खेल रही थी। रात में तेज आंधी के कारण बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिर गया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण किसी को इसका पता नहीं चल पाया। सुबह जब मासूम लक्ष्मी खेलने के लिए बाहर निकली, तो अनजाने में वह उसी तार के संपर्क में आ गई। करंट लगते ही बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। परिजन उसे तत्काल कुशेश्वरस्थान अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतका की पहचान बिसुनियां गांव निवासी स्वर्गीय रामचंद्र यादव की छह वर्षीय पुत्री लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, लक्ष्मी अपने परिवार की इकलौती बेटी थी और तीन भाइयों की सबसे छोटी बहन भी। घर की यह लाडली बच्ची परिवार की रौनक थी, जिसकी मौत के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंधी-तूफान के बाद टूटे बिजली तारों और क्षतिग्रस्त पोल की तत्काल जांच होनी चाहिए। जमीन पर गिरा करंट प्रवाहित तार लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
इस बिहार बिजली हादसा के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आंधी के बाद विद्युत आपूर्ति और टूटे तारों की तत्काल जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को अपनी मासूम संतान को न खोना पड़े।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही नदी थानाध्यक्ष सुशील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जानकारी ली और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच, दरभंगा भेज दिया है। यह घटना बिजली विभाग की सुरक्षा संबंधी चूक की ओर इशारा करती है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।







