Bihar Congress: पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में बिहार कांग्रेस ने 32 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस बड़े एक्शन के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश अनुशासन समिति ने सभी 32 नेताओं से जवाब मांगा है, जिसके बाद उनके भविष्य को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस के इस कदम ने संगठन के भीतर चल रहे असंतोष को सतह पर ला दिया है। अब सभी की निगाहें इन नेताओं के जवाब और पार्टी के अगले फैसले पर टिकी हैं।
किन नेताओं पर गिरी गाज?
जिन नेताओं को शो कॉज नोटिस भेजा गया है, उनमें कई प्रमुख नाम शामिल हैं। पूर्व विधायक अनिल सिंह और पूनम देवी के अलावा, पश्चिमी चंपारण के पूर्व जिलाध्यक्ष भारत भूषण दुबे, औरंगाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह, मधेपुरा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र यादव और सिवान के पूर्व जिलाध्यक्ष विधु शेखर पाण्डेय प्रमुख हैं। इन सभी 32 नेताओं से पार्टी ने उनके आचरण को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
क्यों उठाया गया यह कदम?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बिहार कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व को लेकर लंबे समय से असंतोष पनप रहा था। दिल्ली में आलाकमान के सामने नाराज नेताओं ने प्रदर्शन भी किया था। कुछ नेताओं ने तो सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी कर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया था। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेश अनुशासन समिति ने संबंधित नेताओं से जवाब तलब किया और अब यह नोटिस जारी किया गया है। पार्टी का मानना है कि ऐसे गतिविधियों से संगठन की एकता और अनुशासन प्रभावित होता है।
आगे क्या होगा?
इन 32 नेताओं के जवाब से ही आगे की तस्वीर साफ होगी। पार्टी नेतृत्व उनके स्पष्टीकरण की गहन समीक्षा करेगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो इन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस जारी होने के बाद से संगठन के भीतर मतभेद की चर्चाएं और भी तेज हो गई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस स्थिति से कैसे निपटता है और क्या यह कार्रवाई पार्टी में अनुशासन बहाल कर पाएगी।






