Darbhanga Court: दरभंगा में न्यायपालिका ने अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। जिले की विभिन्न अदालतों ने हत्या, अपहरण, जानलेवा हमला और लूट जैसे गंभीर अपराधों के कई आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इन फैसलों से दरभंगा कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि संगीन मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा की अदालत ने प्राणलेवा हमला के आरोपी मुमताज उर्फ भगलू की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला कमतौल थानाकांड सं. 191/26 से संबंधित है। इसी तरह, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार ने नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोप में विश्वविद्यालय थानाकांड सं. 168/25 में काराधीन अजीत कुमार राम की जमानत अर्जी को भी रद्द कर दिया।
हत्या और अपहरण के आरोपियों को भी नहीं मिली राहत
अपर जिला न्यायाधीश (एडीजे) नीरज कुमार की अदालत ने हत्या के आरोप में दर्ज विशनपुर थानाकांड सं. 107/26 के काराधीन अभियुक्तों विश्वनाथ महतो और रामपरी देवी को भी जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, नाबालिग लड़की के अपहरण से संबंधित मनीगाछी प्राथमिकी सं. 32/26 के आरोपी धनवीर कुमार सदाय की अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी है।
लूट और धोखाधड़ी के मामलों में भी सख्ती
अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की कोर्ट ने भी कई महत्वपूर्ण मामलों में आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की है। उन्होंने नगर थानाकांड सं. 72/26 में काराधीन अभियुक्तों नितीश कुमार सिंह उर्फ लालू सिंह (समस्तीपुर जिला के हरिपुर बोचहा निवासी) और गौतम कुमार (बेगूसराय जिला के धकजरी गांव निवासी) की जमानत अर्जी रद्द कर दी। इन पर दुकान में घुसकर पिस्टल के बल पर सोना-चांदी लूटने का आरोप है।
श्री पाण्डेय की कोर्ट ने गलत नाम और जन्मतिथि का इस्तेमाल कर अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने के आरोप में दर्ज कमतौल थानाकांड सं. 222/26 के आरोपी भोगेन्द्र सहनी की अग्रिम जमानत भी खारिज कर दी। दहेज के लिए एक विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकालने के आरोप में महिला थानाकांड सं. 177/25 के आरोपी अभिषेक कुमार पोद्दार की अग्रिम जमानत याचिका भी रद्द कर दी गई है।
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि, ‘जमानत पाने की इच्छा रखने पर अब उपरोक्त सभी आरोपियों को पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करनी पड़ेगी।’
इन फैसलों के बाद, सभी आरोपियों के पास अब एकमात्र विकल्प पटना हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल करना है। दरभंगा की अदालतों का यह कड़ा रुख जिले में अपराध नियंत्रण और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






