Bihar Weather: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार के लिए 12 से 17 सितंबर के बीच मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। इस अवधि में राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान राज्य में मौसम की स्थिति अलग-अलग रहेगी। सबसे व्यापक असर 17 सितंबर को देखने को मिलेगा, जब पूरे बिहार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अलर्ट की अवधि में कई क्षेत्रों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात होने की आशंका है।
अगले 6 दिन बिहार में मौसम का मिजाज बिगड़ेगा! इन जिलों में बारिश, गरज-चमक के साथ चलेगी 40 KMPH की हवा
Bihar Weather: अगले छह दिनों तक बिहार में मौसम का मिजाज बदलने वाला है, जहां 12 से 17 सितंबर के बीच कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

पूर्वी बिहार में 12 सितंबर से येलो अलर्ट
12 सितंबर को बिहार के पूर्वी हिस्से के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इन इलाकों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
13 सितंबर को पश्चिमी बिहार तक बढ़ेगा दायरा
13 सितंबर को मौसम का असर पहले से अधिक जिलों में दिखाई देगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में येलो अलर्ट रहेगा। इसके साथ ही बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद और औरंगाबाद जिले भी इसकी चपेट में रहेंगे। इन सभी इलाकों में भी गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि, 14 और 15 सितंबर को बिहार के किसी भी जिले के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
17 सितंबर को पूरे राज्य में भारी बारिश और तेज हवा का अनुमान
16 सितंबर को एक बार फिर मौसम करवट लेगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। इसके बाद 17 सितंबर को पूरे बिहार में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिम चंपारण से लेकर किशनगंज और कैमूर से लेकर बांका-जमुई तक, राज्य के सभी जिलों में मौसम खराब रहने के आसार हैं। कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा चलने की आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
12 और 13 सितंबर को कई जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 सितंबर को बिहार के 12 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ वज्रपात की संभावना है।
- सुपौल
- अररिया
- किशनगंज
- सहरसा
- मधेपुरा
- पूर्णिया
- कटिहार
- खगड़िया
- मुंगेर
- भागलपुर
- बांका
- जमुई
इन क्षेत्रों के निवासियों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। 13 सितंबर को मौसम का असर और अधिक जिलों में फैलने की उम्मीद है। इस दिन निम्नलिखित जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है:
- पश्चिमी चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- सीतामढ़ी
- शिवहर
- गोपालगंज
- सीवान
- सारण
- मुजफ्फरपुर
- दरभंगा
- मधुबनी
- वैशाली
- समस्तीपुर
- सुपौल
- अररिया
- किशनगंज
- सहरसा
- मधेपुरा
- पूर्णिया
- कटिहार
- बक्सर
- भोजपुर
- कैमूर
- रोहतास
- अरवल
- जहानाबाद
- औरंगाबाद
हालांकि, 14 और 15 सितंबर को बिहार के किसी भी जिले के लिए कोई विशेष मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे इन दिनों में मौसम शांत रहने की उम्मीद है।
16 और 17 सितंबर को पूरे राज्य में येलो अलर्ट
16 सितंबर को एक बार फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, वैशाली, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ वज्रपात की आशंका है।
पूर्वानुमान अवधि का सबसे बड़ा मौसम अलर्ट 17 सितंबर को है, जब पूरे बिहार के सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा। पश्चिमी चंपारण से लेकर किशनगंज तक और कैमूर से लेकर बांका व जमुई तक, पूरे राज्य में गरज-चमक के साथ बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
येलो अलर्ट का मतलब है कि निवासियों और स्थानीय प्रशासन को संभावित रूप से बाधा डालने वाली मौसम स्थितियों के प्रति जागरूक और तैयार रहना चाहिए। वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से बचें और सुरक्षित इमारतों में आश्रय लें, खासकर जब तेज हवाएं और बिजली कड़क रही हो।
आईएमडी के पूर्वानुमान से पता चलता है कि सप्ताह भर बिहार का मौसम परिवर्तनशील रहेगा, जिसमें 14 और 15 सितंबर को अपेक्षाकृत शांत रहने के बाद गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहेगा। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियां बरतें।







