Darbhanga Animal Husbandry Training: दरभंगा जिले के जाले स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में मंगलवार से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। यहां उन्नत मुर्गी पालन और उन्नत बकरी पालन पर केंद्रित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस प्रशिक्षण में दरभंगा के विभिन्न प्रखंडों से कुल 60 किसानों ने भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर ने इस अवसर पर बताया कि वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके मुर्गी और बकरी पालन को एक लाभकारी स्वरोजगार के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रशिक्षण का लक्ष्य न केवल किसानों की आय बढ़ाना है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करना है। यह पहल स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
दरभंगा में किसानों को मिल रही उन्नत तकनीक की जानकारी
मुर्गी पालन प्रशिक्षण की समन्वयक ई. निधि कुमारी ने बताया कि किसानों को कई अहम विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसमें उन्नत नस्ल का चयन, आवास का उचित प्रबंधन, संतुलित आहार की व्यवस्था, चूजों की विशेष देखभाल, समय पर टीकाकरण, रोगों पर नियंत्रण के उपाय, साफ-सफाई, जैव-सुरक्षा के तरीके और अंडा व मांस उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। यह समग्र प्रशिक्षण किसानों को मुर्गी पालन के हर पहलू में पारंगत बनाएगा।
डॉ. प्रमोद कुमार ने मुर्गी फार्म की स्थापना के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने लागत अनुमान, बाजार प्रबंधन की रणनीतियाँ और लाभ-हानि की गणना को विस्तार से समझाया, ताकि किसान एक सफल व्यवसाय मॉडल तैयार कर सकें। प्रगतिशील किसान अनिल कुमार ने भी अपने सफल मुर्गी पालन के अनुभव साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को प्रेरणा मिली।
बकरी पालन से आय बढ़ाने के गुर सीख रहे किसान
बकरी पालन के क्षेत्र में, कृषि विज्ञान केंद्र परसौनी के वरीय वैज्ञानिक डॉ. अभय कुमार सिंह ने वैज्ञानिक प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे आधुनिक तरीकों से बकरी पालन को अधिक उत्पादक और लाभदायक बनाया जा सकता है। पूसा के वैज्ञानिक डॉ. विजय कुमार गोंद ने बकरियों में होने वाले सामान्य रोगों, उपयुक्त उन्नत प्रभेदों और उनके बेहतर रखरखाव के तरीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस पूरे कार्यक्रम में डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. अभिषेक राणा और डॉ. चंदन कुमार सहित केंद्र के अन्य कर्मियों ने भी सक्रिय योगदान दिया। यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दरभंगा के किसानों और ग्रामीण युवाओं को पशुधन पालन के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उम्मीद है कि यह प्रशिक्षण उन्हें स्वरोजगार के नए रास्ते दिखाएगा और उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करेगा।








You must be logged in to post a comment.