JDU Training: बिहार में राजनीतिक दलों के बीच अपने जनप्रतिनिधियों को बेहतर बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए एक खास प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है। उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई भी दी।
पटना में संजय झा ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि इतने लंबे समय तक देश की सेवा करना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने जदयू के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की प्रस्तावित ट्रेनिंग को लेकर भी जानकारी साझा की।
प्रशिक्षण का मकसद: सदन में बेहतर प्रदर्शन
संजय झा के अनुसार, अब राजनीति में पुराने तौर-तरीकों के बजाय नए और प्रभावी ढंग से काम करने की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ, जदयू दिल्ली से विशेषज्ञों को बुलाकर अपने विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण देगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सदस्यों को संसदीय कार्यप्रणाली की बेहतर समझ प्रदान करना है।
प्रशिक्षण के दौरान, सदन की कार्यवाही से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसमें विधायकों और विधान पार्षदों को यह सिखाया जाएगा कि वे विधानसभा और विधान परिषद में किस प्रकार से सवाल पूछें। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपने क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से कैसे उठाया जाए और विकास संबंधी सवालों को किस तरीके से आगे रखा जाए, इस पर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।
दिल्ली के विशेषज्ञ देंगे खास टिप्स
संजय झा ने इस पहल को पार्टी द्वारा शुरू किया गया एक नया और महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। उनका कहना था कि संसदीय कार्यप्रणाली की गहरी समझ और बेहतर प्रदर्शन के लिए विशेषज्ञों की मदद लेना आवश्यक है। इसी बातचीत के क्रम में जब संजय झा से समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुप्पी साधते हुए आगे बढ़ गए।
जदयू की यह नई प्रशिक्षण योजना राज्य में राजनीतिक दक्षता और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस ट्रेनिंग का विधायकों और विधान पार्षदों के प्रदर्शन पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और क्या अन्य दल भी ऐसी ही पहल करते हैं।







