Bihar Para Swimmer: अंतर्राष्ट्रीय पैरा-तैराक शेख मोहम्मद शम्स आलम ने एक बार फिर बिहार का नाम रोशन किया है। मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड के राठौस गांव के निवासी शम्स आलम को जापान के आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियाई पैरा गेम्स के लिए चुना गया है। यह प्रतिष्ठित खेल आयोजन 18 से 24 अक्टूबर तक चलेगा।
यह शम्स आलम का लगातार तीसरा एशियाई पैरा गेम्स होगा, इससे पहले उन्होंने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांगझोऊ में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उनकी यह उपलब्धि उनके अटूट समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
तीसरी बार एशियाई पैरा गेम्स में चयन
शम्स आलम का चयन 9 मई को स्वीडन के फाल्कनबर्ग में आयोजित पैरा स्विम ओपन इंटरनेशनल चैंपियनशिप में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद हुआ। उन्होंने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक (एसबी-4 श्रेणी) में कांस्य पदक जीता, जिसमें उन्होंने 2 मिनट 17.80 सेकंड का समय निकाला। इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने इस स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा।
उनके अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन के विवरण के अनुसार, इस उपलब्धि ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति की विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंचा दिया है। यह उनकी असाधारण प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
कराटे से पैरा-तैराकी तक का सफर
शम्स आलम पहले एक अंतर्राष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी थे, लेकिन 24 साल की उम्र में रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर के कारण उन्हें कमर के नीचे लकवा मार गया। इस चुनौती के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और 2012 में अपने पुनर्वास के हिस्से के रूप में तैराकी शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने पैरा-तैराकी में अपना करियर बनाया और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने हर बाधा को पार कर मिसाल कायम की है। उनकी कहानी कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
विश्व रिकॉर्ड और 2028 पैरालंपिक का लक्ष्य
शम्स आलम के नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी एक प्रविष्टि दर्ज है। उन्होंने गोवा के खुले समुद्र में 8 किलोमीटर की दूरी 4 घंटे 4 मिनट में तैरकर पूरी की थी। यह उनकी शारीरिक और मानसिक शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन था।
17 जुलाई 1986 को जन्मे शम्स आलम एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उन्होंने मानव संसाधन में एमबीए भी किया है। वे वर्तमान में बिहार सरकार के वित्त विभाग में कार्यरत हैं। उनका तत्काल लक्ष्य जापान में होने वाले आगामी एशियाई पैरा गेम्स में पदक जीतना है। इसके साथ ही, उनका सपना 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले पैरालंपिक खेलों के लिए भी क्वालीफाई करना है।







