Bihar Development: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में विकास योजनाओं की गति बढ़ाने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। पटना स्थित ‘संकल्प’ सभागार में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने ‘बिहार गति’ पहल के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और अन्य कल्याणकारी कार्यों की गहन समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। इस बैठक में सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित कई विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उद्योग और निवेश को मिलेगी रफ्तार: गया IMC पर विशेष जोर
उद्योग विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। यह महत्वपूर्ण परियोजना अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस क्लस्टर को अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक शुरू करने का लक्ष्य रखा जाए।
सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना के शुरू होने से राज्य में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास को प्राथमिकता बताते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समय पर काम पूरा करने को कहा है।
आंगनबाड़ी कर्मियों को राहत और सिंचाई सुविधा पर ध्यान
समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा से पहले आंगनबाड़ी और अन्य संबंधित कर्मियों के सभी बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महिला एवं बाल विकास से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ बिना किसी प्रशासनिक देरी के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए।
सिंचाई योजनाओं के तहत, मधुबनी के जयनगर में कमला नदी पर बन रहे बैराज के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। इससे स्थानीय किसानों को समय पर सिंचाई का पूरा लाभ मिल सकेगा और उनकी फसलें बेहतर होंगी।
सड़क संपर्क और स्वच्छ ऊर्जा के लिए अहम फैसले
बैठक में सड़क संपर्क योजनाओं पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सुल्तानगंज- तारापुर- संग्रामपुर- बेलहर-कटोरिया-चांदन-दर्दमारा रूट को चौड़ा करने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। पथ निर्माण विभाग को इस रूट के शुरुआती 40 किलोमीटर हिस्से और बेलहर से दर्दमारा तक के मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए कहा गया है, जिससे भविष्य में यातायात का दबाव कम हो सके।
शहरी पेयजल योजनाओं के तहत, औरंगाबाद, सासाराम और डेहरी में सोन नदी के पानी से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने दक्षिण बिहार में नहरों और नदियों के तटबंधों पर सोलर पैनल लगाने की योजना तैयार करने को कहा है। इसके लिए अधिकारियों को एक व्यापक कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया है, जो राज्य में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देगी।
मुख्यमंत्री के इन सख्त निर्देशों से उम्मीद है कि बिहार में विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। इन फैसलों से न केवल औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, बल्कि आम लोगों, खासकर आंगनबाड़ी कर्मियों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार की प्राथमिकता है कि सभी योजनाएं समय पर पूरी हों और उनकी गुणवत्ता बनी रहे, जिससे राज्य के समग्र विकास को बल मिल सके।








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