Jale Radha Ashtami: बिहार के जाले में श्रीराधाष्टमी महोत्सव की धूम मची हुई है। रतनपुर स्थित श्रीचैतन्य कुटी परिसर गुरुवार को छठी महोत्सव के अवसर पर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। जगद्गुरु श्रीराधाबल्लभ दासजी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित इस भव्य उत्सव में दिन भर बधाई और सोहर गीतों की मधुर गूंज सुनाई दी, जिससे पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराधे’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
श्रीराधाष्टमी महा महोत्सव के छठे दिन मनाए गए इस छठी उत्सव में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कुटी परिसर में चारों ओर श्रद्धा और भक्ति का माहौल व्याप्त था, जहां भक्तजन राधा रानी के जन्मोत्सव की खुशी में झूमते रहे।
जाले में भक्ति की लहर! रतनपुर की श्रीचैतन्य कुटी में राधाष्टमी के छठे दिन गूंजे बधाई-सोहर गीत, झूम उठे श्रद्धालु
Jale Radhashtami: बिहार के जाले में श्रीराधाष्टमी महा महोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है। रतनपुर स्थित श्रीचैतन्य कुटी में गुरुवार को महोत्सव के छठे दिन छठी महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ, जिसने पूरे परिसर को भक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया। इस दौरान दिनभर बधाई और सोहर गीतों की गूंज से वातावरण पूरी तरह से राधा रानी के जन्मोत्सव की खुशी में डूब गया।
जगद्गुरु श्रीराधाबल्लभ दासजी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित इस महोत्सव में अनगिनत साधु-संतों और वैष्णवजनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भगवान श्रीराधा के जन्मोत्सव की खुशी में भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक बधाई गीत प्रस्तुत किए, जिससे पूरा कुटी परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।
भक्तिमय भजनों से सराबोर हुआ कुटी परिसर
भजन गायक दिनेश मंडल ने ‘सब मिली आओ री सजनी बरीहा, मंगल गाइए मंगल गाइए…’, ‘हो आंगने में बधईया बाजे…’ तथा ‘आजु तो बधाई बाजे द्वारे भानु राय के…’ जैसे कई बधाई गीत प्रस्तुत किए। उनके भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे। रामायणी बाबा ने ‘हो रही हो रही जयजयकार वृषभानुजी के द्वारे पर…’ गीत गाकर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। बनारस के श्रीराम कैलाश श्रृंगारी दास ने भी अपने बधाई गीतों से समां बांध दिया। इन गीत-संगीत के बीच-बीच में ‘जय जय श्रीराधे’ के जयकारे और तालियों की गूंज से श्रीचैतन्य कुटी का पूरा परिसर गुंजायमान होता रहा।
संतों और वैष्णवों ने बांटी बधाई
छठी महोत्सव में जगद्गुरु श्रीराधाबल्लभ दासजी महाराज सहित अनेक साधु-संतों और वैष्णवजनों ने श्रद्धालुओं के बीच बधाई लुटायी। इस कार्यक्रम का कुशल संचालन जगद्गुरु के अनन्य शिष्य युवा संत एवं कथावाचक श्रीउद्धव दासजी महाराज ने किया। इस आध्यात्मिक आयोजन में ब्रज मोहन दास, राधाकृष्ण दास, अद्वैत दास, बउआ दास, शशिभूषण दास, पूजारीजी सहित अन्य साधु-संत और वैष्णवजन उपस्थित थे, जिन्होंने भक्तिमय माहौल में अपना योगदान दिया।
यह महोत्सव न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है, बल्कि क्षेत्र में भक्ति और सद्भाव का संदेश भी फैला रहा है। आने वाले दिनों में भी श्रीराधाष्टमी महा महोत्सव के तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम जारी रहेंगे, जिससे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह बना रहेगा।
भजन गायकों ने मोहा मन
महोत्सव के दौरान विभिन्न भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। गायक दिनेश मंडल ने ‘सब मिली आओ री सजनी बरीहा, मंगल गाइए मंगल गाइए…’, ‘हो आंगने में बधईया बाजे…’ और ‘आजु तो बधाई बाजे द्वारे भानु राय के…’ जैसे कई मनमोहक बधाई गीत प्रस्तुत किए। इन भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नाचते रहे।
रामायणी बाबा ने ‘हो रही हो रही जयजयकार वृषभानुजी के द्वारे पर…’ गीत गाकर वातावरण को और भी भक्तिपूर्ण बना दिया। वाराणसी से पधारे श्रीराम कैलाश श्रृंगारी दास ने भी अपनी मधुर आवाज में बधाई गीतों की प्रस्तुति दी। गीत-संगीत के बीच ‘जय जय श्रीराधे’ के जयकारे और तालियों की गूंज से पूरा परिसर लगातार गुंजायमान होता रहा, जिसने उत्सव में चार चांद लगा दिए।
संत-महंतों ने लुटाई बधाई
छठी महोत्सव के विशेष अवसर पर जगद्गुरु श्रीराधाबल्लभ दासजी महाराज सहित अनेक साधु-संतों और वैष्णवजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच बधाई लुटाई। यह क्षण भक्तों के लिए अत्यंत आनंददायक और सौभाग्यशाली रहा।
इस पूरे आयोजन का सफल संचालन जगद्गुरु के अनन्य शिष्य और युवा संत सह कथावाचक श्रीउद्धव दासजी महाराज ने किया। महोत्सव में ब्रज मोहन दास, राधाकृष्ण दास, अद्वैत दास, बउआ दास, शशिभूषण दास और पूजारीजी समेत कई अन्य प्रमुख साधु-संत एवं वैष्णवजन उपस्थित रहकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
जाले का श्रीचैतन्य कुटी परिसर श्रीराधाष्टमी महोत्सव के तहत भक्ति और उल्लास से भरा रहा। यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना, जहां भक्तगणों ने राधा रानी के जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं और एक-दूसरे के साथ भक्ति रस का अनुभव किया।







