Bihar Flood Alert: नेपाल के तराई और गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका के बाद बिहार में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। संभावित जलजमाव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य के 17 संवेदनशील जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अहम समीक्षा बैठक
शनिवार को आपदा प्रबंधन विभाग में बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 17 जिलों के जिलाधिकारी भी इस अहम चर्चा में शामिल हुए।
नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सीमावर्ती तथा गंडक, बागमती और कोसी नदी तंत्र से जुड़े संवेदनशील जिलों को अलर्ट मोड में रहने और सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिन जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई, उनमें सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय शामिल हैं। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर और उनके बहाव पर लगातार नजर रखने को कहा है। निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों को नदियों के जलस्तर एवं प्रवाह, निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों तथा संपर्क मार्गों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके आसपास के जिलों को सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को सतर्क रहने को कहा गया है। संबंधित जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त संख्या में तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय और संचार बनाए रखने को कहा गया है।
बाढ़ से निपटने के लिए क्या हैं तैयारियां?
समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि कोसी नदी का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन इसके बावजूद आसपास के जिलों में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश जारी हैं। संभावित बाढ़ या जलजमाव से निपटने के लिए NDRF और SDRF को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू किया जा सके।
प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में माइक के माध्यम से लोगों को समय रहते सूचित करने और जरूरत पड़ने पर आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के भी निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
आम लोगों के लिए जरूरी निर्देश और हेल्पलाइन
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आम लोगों और जनप्रतिनिधियों को स्थिति की अद्यतन जानकारी देने का निर्देश दिया।
सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा घबराने से बचें।
किसी भी आपात स्थिति में लोग आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। इस बैठक में एन.आई.सी दरभंगा से जिलाधिकारी कौशल कुमार, अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर, सहायक जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी प्रणव राज के साथ-साथ अन्य पदाधिकारी और अभियंतागण उपस्थित थे।


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