Patna Metro: राजधानी पटना की बहुप्रतीक्षित मेट्रो परियोजना के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने पटना मेट्रो रेल परियोजना के प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के परिचालन और रखरखाव हेतु 14.40 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को मंजूरी दे दी है। यह फैसला मेट्रो सेवाओं की निरंतरता और गुणवत्ता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सब्सिडी के रूप में खर्च की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम परियोजना के नियमित और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक माना जा रहा है।

मेट्रो संचालन और रखरखाव के लिए क्यों जरूरी है यह राशि?
सरकार की ओर से मंजूर इस राशि का इस्तेमाल प्राथमिकता कॉरिडोर के रोजमर्रा के संचालन, तकनीकी रखरखाव, स्टेशनों की देखरेख और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि मेट्रो सेवाएं बिना किसी बाधा के चलती रहें और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को इस कॉरिडोर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्राथमिकता कॉरिडोर की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजना
पटना मेट्रो का प्राथमिकता कॉरिडोर, जिसे ब्लू लाइन के नाम से जाना जाता है, न्यू आईएसबीटी (पाटलिपुत्र बस टर्मिनल) से मलाही पकड़ी तक विस्तारित है। इस कॉरिडोर में अक्टूबर 2025 तक तीन स्टेशनों पर सेवा शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद जुलाई 2026 में इसे मलाही पकड़ी तक बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में जीरो माइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मलाही पकड़ी जैसे स्टेशन यात्रियों को सेवा प्रदान करेंगे।
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इस वित्तीय सहायता से पटना मेट्रो परियोजना अपने तय लक्ष्यों को प्राप्त करने और राजधानी के नागरिकों को आधुनिक, तेज और विश्वसनीय परिवहन सुविधा प्रदान करने में सफल होगी। यह निर्णय शहर के सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रोत्साहन है।

