Bihar Sugarcane: बिहार में गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, गन्ना उद्योग को मजबूत करने के उद्देश्य से नई चीनी मिलों की स्थापना और पुरानी बंद पड़ी मिलों को पुनर्जीवित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
किसानों को मिलेगी आधुनिक खेती की जानकारी
हाल ही में पटना के बामेती में आयोजित गन्ना किसान संगोष्ठी में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को गन्ने की वैज्ञानिक खेती के तरीकों, गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग, कृषि यंत्रीकरण के लाभ और गुड़ उत्पादन की तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। विभाग की विभिन्न योजनाओं से भी किसानों को अवगत कराया गया।

मंत्री संजय कुमार ने कहा, “बिहार से पलायन रोकने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। हमारा लक्ष्य है कि किसानों को उनके खेत तक गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक तकनीक और आवश्यक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध हो सकें।”
उन्होंने उन किसानों से फिर से गन्ने की खेती करने का आह्वान किया जिन्होंने पिछले वर्षों में इसकी खेती कम कर दी थी। विभाग वैज्ञानिकों और विशेषज्ञ संस्थानों के सहयोग से कम जमीन में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की तकनीकों को किसानों तक पहुंचाएगा।
गन्ना किसानों के लिए लॉन्च होगा विशेष पोर्टल
गन्ना किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभागीय योजनाओं की जानकारी सुलभ बनाने के लिए सरकार एक नया पोर्टल लॉन्च करने जा रही है। मंत्री ने बताया कि यह पोर्टल 30 सितंबर को शुरू किया जाएगा। इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे और अपनी योजनाओं के आवेदन की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर पाएंगे।
मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे विभागीय अधिकारियों के संपर्क में रहें और समय पर आवेदन करके सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। यह पहल किसानों को सशक्त बनाने और उनकी पहुंच को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बिहार में स्थापित होंगी 25 नई चीनी मिलें
राज्य में गन्ना उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और लगभग 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। अगले पांच वर्षों में इस लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। बेगूसराय में भी एक नई चीनी मिल स्थापित करने की योजना है।
वारिसलीगंज क्षेत्र में चीनी मिल की स्थापना के लिए गन्ना उद्योग विभाग को लगभग 99.39 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य के अन्य जिलों में भी नई मिलों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इन प्रयासों से बिहार में गन्ने का रकबा बढ़ेगा, किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सरकार का यह कदम न केवल गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगा, बल्कि राज्य के कृषि आधारित उद्योग को भी नई गति प्रदान करेगा। आने वाले समय में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार के ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

