Darbhanga Police Action: प्रभास रंजन दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में पुलिस ने एक संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मिसाल पेश की है। बिरौल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए कथित अपहरण, बलात्कार और मारपीट की घटना के चार घंटे के भीतर ही दरभंगा पुलिस ने तीन आरोपियों को धर दबोचा। इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि विरुद्ध किशोर को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस को बिरौल थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण, बलात्कार और उसके परिजनों के साथ मारपीट की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर बिरौल थाना में कांड संख्या-681/2026, दिनांक-25.09.2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा-137 (2), 96, 64, 352, 351(2), 3 (5) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 4/6 के तहत मामला दर्ज किया गया। प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस ने ऐसे दबोचे आरोपी, खुला प्रेम प्रसंग का राज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता, मुख्य अभियुक्त और उसके सहयोगी 24 सितंबर 2026 की सुबह 3 बजे बिरौल थाना क्षेत्र से मोटरसाइकिल से भागकर दरभंगा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां जीआरपी (राजकीय रेल पुलिस) के अधिकारियों ने संदिग्ध अवस्था में उन्हें पूछताछ के लिए जीआरपी थाना दरभंगा लाया। जीआरपी ने फोन के माध्यम से पीड़िता और अभियुक्त के परिजनों को इसकी सूचना दी। परिजनों के दरभंगा जीआरपी पहुंचने पर पुलिस अभिरक्षा में रखे गए तीनों को पीआर बॉन्ड पर मुक्त कर दिया गया था, जिसकी सूचना थाना दैनिकी में भी दर्ज की गई थी।
दरभंगा पुलिस की गहन जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ित और अभियुक्त पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। पुलिस ने अभियुक्त के पिता को भी मारपीट करने और पुलिस अधिकारियों के सामने पीड़िता के परिजनों को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों और बरामद सामान का विवरण:
- गिरफ्तार अभियुक्त:
- 1. प्रविन्द्र माँझी उर्फ प्रवीण माँझी, पिता जामुन माँझी, निवासी मजरगाही, थाना बिरौल, जिला दरभंगा।
- 2. जामुन माँझी, पिता स्व० रामबहादुर माँझी, निवासी मजरगाही, थाना बिरौल, जिला दरभंगा (अभियुक्त का पिता)।
- 3. निरुद्ध विधि विरुद्ध किशोर, निवासी मजरगाही, थाना बिरौल, जिला दरभंगा (सहयोगी)।
- बरामद प्रदर्श:
- 1. मोटरसाइकिल रजि० नं० BR33AF5553।
- 2. एक मोबाइल फोन।
दरभंगा पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की है। चार घंटे के भीतर ही मुख्य अभियुक्त, उसके पिता और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया, जो कानून-व्यवस्था के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मामले में आगे की जांच जारी है।
छापामारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारी:
- श्री प्रभाकर तिवारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बिरौल।
- पु०नि-सह-पर्यवेक्षी पदा० अमृत लाल वर्मन, बिरौल थाना।
- पु०नि०-सह-थानाध्यक्ष, चन्द्रमणि, बिरौल थाना।
- पु०अ०नि० सह अपर थानाध्यक्ष, मुकेश कुमार, बिरौल थाना।
- पु०अ०नि० सह अनु०कर्ता, मुन्नी कुमारी, बिरौल थाना।
- स०अ०नि० अनिल कुमार तिवारी, बिरौल थाना।
- बिरौल थाना में प्रतिनियुक्त सशस्त्र पुलिस बल।
इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़िता को न्याय मिले।

