Bihar Health Facilities: बिहार के आम लोगों को अब बेहतर और स्वच्छ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। राज्य के बिहार स्वास्थ्य संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत एक बड़ा कदम उठाया है। इस पहल के अंतर्गत 12,067 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिसका सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल और मरम्मत जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, ताकि अस्पतालों का माहौल सुखद और व्यवस्थित बन सके।
राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य स्वास्थ्य संस्थानों को स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाते हुए मरीजों तथा उनके परिजनों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। 13 अक्टूबर 2026 तक प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार, राज्यभर में कुल 12,067 योजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें से 94.69 प्रतिशत प्रविष्टियों को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। वहीं, 6750 से अधिक स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित कार्य प्रगति पर हैं। यह अभियान राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक सुधार और रखरखाव के कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हजारों स्वास्थ्य संस्थानों में तेजी से जारी है कायाकल्प
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित योजना के तहत राज्य के विभिन्न श्रेणियों के स्वास्थ्य संस्थानों में रखरखाव, रंग-रोगन और आवश्यक मरम्मत कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों के दायरे में 35 जिला अस्पताल, 56 अनुमंडलीय अस्पताल, 49 रेफरल अस्पताल, 342 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 110 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 844 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 8,721 आयुष्मान आरोग्य मंदिर सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं। इन सभी जगहों पर मरीजों को बेहतर सेवाएं देने पर जोर दिया जा रहा है।
किस अस्पताल को मिली कितनी राशि? जानें पूरा ब्यौरा
सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत बिहार के स्वास्थ्य संस्थानों में रंग-रोगन, लघु मरम्मत और अन्य आवश्यक कार्यों को गति देने के लिए कुल 70.55 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इस आवंटन से प्रत्येक संस्थान को उसकी श्रेणी के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर सुधार कार्य संभव हो पा रहे हैं।
| स्वास्थ्य संस्थान का प्रकार | प्रति संस्थान आवंटित राशि |
|---|---|
| जिला अस्पताल | 10 लाख रुपये |
| अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र | 5 लाख रुपये |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र | 1.75 लाख रुपये |
| शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र | 1 लाख रुपये |
| अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र | 75 हजार रुपये |
| आयुष्मान आरोग्य मंदिर | 30 हजार रुपये |
इस वित्तीय सहायता से स्वास्थ्य संस्थानों के परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद मिल रही है।
पोर्टल से हो रही योजनाओं की सीधी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग इस अभियान के तहत योजनाओं की प्रविष्टियों, तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियों तथा कार्यों की प्रगति की नियमित रूप से एक विशेष पोर्टल के माध्यम से निगरानी कर रहा है। निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि स्वीकृत योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द स्वास्थ्य संस्थानों और आम नागरिकों तक पहुंच सके। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वाकांक्षी पहल बिहार की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को न केवल स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाएगी, बल्कि इसे जनोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इन कार्यों की समयबद्ध निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि स्वीकृत योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द आम नागरिकों तक पहुंचे।







