Bihar Kavach System: यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। बिहार के बरौनी में ‘कवच’ प्रणाली का सफल परीक्षण पूरा कर लिया गया है। इस स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ने आमने-सामने आ रही दो ट्रेनों को टकराने से रोककर अपनी कार्यक्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। पूर्व मध्य रेल (ईसीआर) द्वारा किए गए इस परीक्षण से रेल परिचालन में सुरक्षा के नए मानक स्थापित हुए हैं।
पूर्व मध्य रेल द्वारा 14 अक्टूबर 2026 को समस्तीपुर से जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 02 के अनुसार, यह महत्वपूर्ण परीक्षण 65 किलोमीटर लंबे बरौनी-समस्तीपुर और बरौनी-बेगूसराय रेलखंड पर किया गया। इस दौरान ट्रेन संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ‘कवच’ प्रणाली की क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया।
टक्कर रोधी प्रणाली ‘कवच’ ने ऐसे किया कमाल
इस सफल परीक्षण को पूर्व मध्य रेल हाजीपुर के महाप्रबंधक श्री डिम्पी गर्ग, प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर और मंडल रेल प्रबंधक, सोनपुर के सीधे निर्देशन में संपन्न किया गया। परीक्षण में रेलटेल (RailTel) और क्वाड्रेंट (Quadrant) की महत्वपूर्ण तकनीकी भूमिका रही। Kernex DMI प्रणाली से लैस दो लोकोमोटिव का उपयोग करके ‘कवच’ की कार्यक्षमता और सुरक्षा क्षमता को परखा गया।
परीक्षण के क्रम में दोनों लोको को आमने-सामने लाया गया। इस दौरान संभावित टक्कर को रोकने की प्रणाली की क्षमता का प्रदर्शन हुआ तथा दोनों लोको के आमने-सामने आने के बावजूद टक्कर नहीं हुई।
यह प्रदर्शन बताता है कि ‘कवच’ प्रणाली मानवीय भूल या अन्य कारणों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में कितनी प्रभावी है। आवश्यकता पड़ने पर यह प्रणाली स्वचालित ब्रेकिंग के माध्यम से ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद करती है, जिससे यात्रियों की जान-माल की रक्षा होती है।
रेल सुरक्षा में मील का पत्थर
इस सफल परीक्षण में पूर्व मध्य रेल मुख्यालय के अधिकारियों, रेलटेल और क्वाड्रेंट के समन्वित प्रयासों तथा तकनीकी सहयोग की अहम भूमिका रही। यह उपलब्धि पूर्व मध्य रेल में आधुनिक सिग्नलिंग और ट्रेन सुरक्षा तकनीक के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम है। पूर्व मध्य रेल लगातार यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इसका उद्देश्य रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है, जिसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।







