Bihar Sand Mining: पूरे बिहार में 16 अक्टूबर से बालू खनन का काम एक बार फिर से शुरू होने जा रहा है। मानसून की वजह से लगभग चार महीने तक बंद रहा यह कार्य अब राज्य के 212 बालू घाटों पर गति पकड़ेगा, जिससे प्रदेश में चल रहे निर्माण कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी। इन घाटों में 181 पीले बालू के और 31 सफेद बालू के घाट शामिल हैं।
खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के व्यवस्थित, पारदर्शी और पर्यावरण के अनुकूल उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री डॉ. कुमार के अनुसार, खनिज संपदा का संरक्षण करना, वैध खनन को बढ़ावा देना, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और सरकारी राजस्व में वृद्धि करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।
खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा, ‘राज्य सरकार खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं पर्यावरण अनुकूल उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। खनिज संपदा का संरक्षण, वैध खनन का प्रोत्साहन, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण तथा सरकारी राजस्व में वृद्धि विभाग की प्राथमिकताएं हैं।’
मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार का यह प्रयास है कि आम जनता को निर्माण कार्यों के लिए बालू आसानी से उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही, खनन गतिविधियों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे, यह सुनिश्चित करना भी विभाग का लक्ष्य है।
राजस्व संग्रह में रिकॉर्ड वृद्धि: विभाग की नई उपलब्धि
खान एवं भूतत्व विभाग ने राजस्व संग्रह के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक विभाग को 1 हजार 220 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह आंकड़ा वित्तीय वर्ष 2025-26 की इसी अवधि के 862 करोड़ 64 लाख रुपये की तुलना में काफी अधिक है। इस प्रकार, राजस्व संग्रह में कुल 357 करोड़ 89 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 41.48 प्रतिशत अधिक है।
डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया, ‘राजस्व संग्रह में वृद्धि बेहतर प्रबंधन, प्रभावी निगरानी और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।’
अवैध खनन पर शिकंजा: कार्रवाई में तेजी
विभाग ने अवैध बालू खनन, परिवहन और इससे संबंधित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर तक अवैध खनन के मामलों में 393 गिरफ्तारियां की गई हैं, 3,614 वाहनों की जब्ती हुई है, और 52.71 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
यह आंकड़े पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की समान अवधि की तुलना में काफी बेहतर हैं, जब 333 गिरफ्तारियां हुई थीं, 2,824 वाहन जब्त किए गए थे, और 39.87 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया था। इस तरह, पिछले वर्ष की तुलना में गिरफ्तारियों में 60, जब्त किए गए वाहनों में 790, और दंड वसूली में 12.84 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। खनन कार्य के फिर से शुरू होने के बाद विभाग की यह सख्ती और भी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे राज्य में वैध खनन को प्रोत्साहन मिलेगा और राजस्व में लगातार वृद्धि जारी रहेगी।







