Bhagalpur News: विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद नवगछिया और भागलपुर के बीच बियाडा घाट पर यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही थीं। गंगा नदी का जलस्तर अचानक घटने से स्टीमर सेवा के संचालन पर बड़ा संकट छा गया। रेतीले किनारों और पानी की कमी के कारण स्टीमर मुख्य घाट तक नहीं पहुँच पा रहे थे, जिससे हर दिन हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, भागलपुर जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया है। किसी भी बड़े हादसे को टालने और हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने एक अहम और कड़ा फैसला लिया है। अब स्टीमर का संचालन करने वाली तीनों अलग-अलग एजेंसियों को एक-एक जेटी आवंटित कर दी गई है।
हजारों यात्रियों की बढ़ी परेशानी, अब मिलेगी राहत
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन ठप होने के कारण नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी और गंभीर मरीज हर सुबह-शाम गंगा पार करने के लिए बियाडा घाट की स्टीमर सेवा पर ही निर्भर हैं। जलस्तर कम होने से स्टीमर घाट से काफी दूर ही रुक जाते थे। ऐसे में यात्रियों को गहरे कीचड़ और रेत में लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ रहा था। यह स्थिति बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों के लिए बेहद कष्टदायक और खतरनाक बन गई थी। प्रशासन के इस नए कदम से हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यात्रियों की सुगम और सुरक्षित आवाजाही के लिए मजबूत व सुरक्षित रैंप बनाने की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं एजेंसियों की होगी। नए नियमों के अनुसार, तीनों एजेंसियां केवल अपने लिए निर्धारित और आवंटित जेटी से ही स्टीमर का परिचालन कर सकेंगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि रैंप सही न होने के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से बियाडा घाट पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उनकी दैनिक यात्रा में आने वाली बाधाएं कम होंगी।







